पंजाब दी गल: AAP के CM पद का दावेदार कौन, SAD का नया दांव, क्या है सिद्धू और हरभजन की तस्वीर का गणित
पंजाब में सत्ता पर क़ाबिज होने के लिए सभी सियासी पार्टियां विभिन्न रणनीतियां तैयार कर नया दांव खेलने की तैयारी में है। आज हम आपको पंजाब की सियासी गलियारों की उन चर्चाओं से रूबरू करवाने जा रहे हैं।
चंडीगढ़, 16 दिसंबर 2021। पंजाब में सत्ता पर क़ाबिज होने के लिए सभी सियासी पार्टियां विभिन्न रणनीतियां तैयार कर नया दांव खेलने की तैयारी में है। आज हम आपको पंजाब की सियासी गलियारों की उन चर्चाओं से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिस पर अगर मुहर लग गई तो पंजाब की सियासी फिज़ा पूरी तरह से बदल जाएगी। सभी सियासी दलों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के मुखयमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। क्रिकेटर हरभजन सिंह और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की तस्वीर के सियासी मायने क्या हैं, इस पर भी अटकलों का बाज़ार गर्म है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल पंजाब के सियासी समीकरणों को नया मोड़ देने के लिए प्रकाश सिंह बादल पर दांव खेलने की तैयारी कर रही है। आज हम आपको इन सभी क़यासो के सियासी गणित समझाने जा रहे हैं।

कौन होगा AAP के CM पद का दावेदार ?
पंजाब में आम आदमी पार्टी चुनावी रण में उतरने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल जब भी पंजाब दौरे पर आ रहे हैं कोई न कोई ट्रंप कार्ड खेल कर सियासी दलों की बनी बनाई समीकरणों को बिगाड़ दे रहे हैं। वहीं अब सभी सियासी दल की निगाह इस बात पर टिकी हुई है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के सीएम पद का चेहरा कौन होगा ? सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी की किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल से बात चल रही है अगर सहमती बन जाती है तो रोजेवाल ही पंजाब में आण आदमी पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार होंगे। यहां तक की राजेवाल के गांव में मुख्यमंत्री बनने के बैनर तक लग गए थे। बलबीर सिंह राजेवाल का जन्म लुधियाना जिले के खन्ना के पास राजेवाल गांव में हुआ था। प्राथमिक स्कूली शिक्षा के बाद वह फौज में शामिल हो गए। रिटायरमेंट के बाद किसान जिंदाबाद यूनियन में काम किया और 1990 भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) बनाई। किसान आंदोलन के दौरान उन्होने अहम किरदार निभाया था।

शिरोमणि अकाली दल का नया दांव
शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब के चुनावी रण में उतरने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछले दिनों शिअद के सौ साल पूरे होने पर शक्ति प्रदर्शन कर यह संदेश देने की कोशिश की गई थी कि अकाली दल को पंजाब की जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी लांबी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। मोगा रैली के दौरान प्रकाश सिंह बादल ने कहा था कि वह पार्टी के लिए हर ज़िम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद से सियासी गलियारों में अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया। पहले क़यास लगाए जा रहे थे कि प्रकाश सिंह बादल 94 साल के हो गए हैं, इसलिए अब वह एक्टिव पॉल्टिक्स से दूर रहेंगे। लेकिन जिस तरह से उन्होंने मोगा रैली को संबोधित किया इसका बाद से यह चर्चाएं तेज हो गई हैं कि प्रकाश सिंह बादल चुनावी रण में ताल ठोक सकते हैं।
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तस्वीर के क्या हैं सियासी मायने ?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ पिछले दिनों एक फोटो ट्वीट किया था। सिद्धू के फोटो ट्विट करते ही पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पंजाब पुलिस ने करीब 10 साल पहले हरभजन सिंह को डीएसपी पद ऑफर किया था लेकिन उन्होंने इसे क़बूल नहीं किया था। वहीं प्रकाश सिंह बादल सरकार के वक़्त उन्हें जालंधर में जमीन और नगद इनाम भी दिया गया था। हरभजन सिंह के बारे में जब पिछली बार भारतीय जनात पार्टी में शामिल होने की चर्चा शुरू हुई थी तो हरभजना सिंह ने इस बात का खंडन करते हुए इसे अफवाह बताया था। लेकिन सिद्धू के साथ शेयर की गई तस्वीर के बाद हरभजन सिंह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसलिए क़यास ये लगाए जा रहे हैं कि हरभजन सिंह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। ग़ौरतलब है कि चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की आज शाम 5 बजे बैठक होने वाली है। सभी लोगों की निगाहे कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक पर टिकी हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर आज हरभजन सिंह कांग्रेस में शामिल नहीं हुए तो अगली बैठक में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि 17 और 18 दिसंबर को सुबह 11 से शाम 6 बजे तक स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी।
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