Election Special: आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं लोग, फ़तेहगढ़ चूड़ियां सीट का सियासी समीकरण
पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी रण में सभी छोटी बड़ी सियासी पार्टियों के उम्मीदवार चुनावी ताल ठोक रहे हैं।
चंडीगढ़, 12 फरवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी रण में सभी छोटी बड़ी सियासी पार्टियों के उम्मीदवार चुनावी ताल ठोक रहे हैं। सियासी समीकरणों के देखते हुए कई प्रत्याशियों के विधानसभा हलकों में बदलाव किया गया है। किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की सियासी ज़मीन खिसक रही थी, लेकिन भाजपा ने डैमेज कंट्रोल कर लिया। अब भारतीय जनता पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन कर चुनावी रण में उतरी है। शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है, वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी बिना किसी गठंबधन के 117 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

फ़तेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा का सियासी इतिहास
पंजाब में इस बार किस पार्टी का झंड़ी बुलंद होगा ये तो चुनाव के नतीजों से ही पता चलेगा। फिलहाल हम आपको फ़तेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा के सियासी इतिहास और समीकरण के बारे में बताने जा रहे हैं। पंजाब के गुरदासपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से एक फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा सीट भी। 2017 के विधानसभा चुनाव में 1 लाख 23 हज़ार 556 मतदाताओं ने मतदान किया था। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने ने जीत दर्ज कर अपनी पार्टी का परचम लहराया था। उन्होंन शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार निर्मल सिंह काहलों को 1 हज़ार 999 वोटों से हराया था । कांग्रेस उम्मीदवार तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा को 54 हज़ार 348 और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार निर्मल सिंह को 52 हज़ार 349 वोट मिले थे।

इस बार बदल चुके हैं सियासी समीकरण
फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा सीट से 2009 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र सिंह बाजवा ने तीज दर्ज की थी। उन्होंने 56 हज़ार 176 वोट से जीत दर्ज कर शिरोमणि अकाली दल के निर्मल सिंह को चुनाव हराया था। पूरे सियासी समीकरण की बात की जाए तो यहां से शिअद-भाजपा गठबंधन उम्मीदवार और कांग्रेस उम्मीदवार के साथ कांटे की टक्कर देखने को मिली है। लेकिन इस बार भाजपा और शिअद अलग-अलग चुनावी मैदान में हैं। इस बार इस विधानसभा सीट से कांग्रेस तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा को उम्मीदवार घोषित किया है। आम आदमी पार्टी की तरफ़ से बलबीर सिंह पन्नू चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं भाजपा और गठबंधन के की तरफ़ तजिंदर सिंह रंधावा पंजाब लोक कांग्रेस की टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर लखबीर सिंह लोधीनंगल चुनाव लड़ रहे हैं।

मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं लोग
फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा सीट के निवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उनका आरोप है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में जो वादे किए गए थे वह पूरे नहीं हुए है समस्याएं जस की तस बनी हुई है। आपको बता दे कि चूड़ियां विधानसभा में नशा बड़ा चुनावी मुद्दा है इसके साथ ही युवाओं को रोजगार का भी मसला है यहां के मतदाताओं का कहना है कि नशा मुक्ति और रोज़गार के लिए कैंप लगाए गए लेकिन मसले का हल नहीं हो पाया है। सरकारी या प्राइवेट सेक्टर किसी भी क्षेत्र को कोई बड़ा उद्योग नहीं लगाया गया है। उनका कहना है कि यहां एक दूध की फ़ैक्ट्री है जिसमें क़रीब 40 लोग काम करते हैं। अन्य युवाओं को रोज़गार की तलाश के लिए दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के लिए क़रीब 50 किलोमीटर का रोज़ सफ़र करना पड़ता है।
ये भी पढ़ें: पंजाब: क्या ईसाई मतदाताओं के सहारे सिद्धू पार लगाना चाहते हैं अपनी नैया, जानिए क्यों दिया ये बयान ?












Click it and Unblock the Notifications