Punjab: चुनाव में आम आदमी पार्टी का पलड़ा इस वजह से भी है भारी, बन सकता है विनिंग फ़ैक्टर
पंजाब विधानसभा चुनाव में किस पार्टी के कितने अपराधी प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं यह मामला भी मतादातओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार के विधानसभा चुनाव में सियासी मैदान में 315 अपराधी ताल ठोक रहे हैं।
चंडीगढ़, 12 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव में किस पार्टी के कितने अपराधी प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं यह मामला भी मतादातओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार के विधानसभा चुनाव में सियासी मैदान में 315 अपराधी ताल ठोक रहे हैं, इनमें से 218 प्रत्याशियों पर गंभीर मामले दर्ज हैं। नामांकन के दौरान हलफनामे से इसका खुलासा हुआ है। ग़ौरतलब है कि सभी सियासी दलों को आपराधिक प्रत्याशियों के बारे इश्तहार छपवाना होगा, चुनाव आयोग की तरफ़ से यह निर्देश जारी हुआ है। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि चुनाव आयोग के इस निर्देश से आम आदमी पार्टी को फ़ायदा पहुंच सकता है। क्योंकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों पर ज़्यादा संगीन मामले दर्ज नहीं है।

किस दल में कितने दाग़ी प्रत्याशी ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र चुनाव आयोग में दाखिल किए गए हलफनामें के मुताबिक शिरोमणि अकाली दल के 97 प्रत्याशियों में से 65 के खिलाफ़ माले दर्ज हैं। आम आदमी पार्टी के 117 उम्मीदवारों में से 58 उम्मीदवारों पर मामले दर्ज हैं। भारतीय जनता पार्टी के 71 उम्मीदवारों में से 27 प्रत्याशियों पर मामले दर्ज हैं। शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के 14 प्रत्याशियों में से 4 उम्मीदवारों पर मामले दर्ज हैं। बहुजन समाज पार्टी के 20 उम्मीदवारों में 3 पर मामले दर्ज हैं। कांग्रेस के 117 प्रत्याशियों में से 16 उम्मीदवारों पर मामले दर्ज हैं। वहीं पंजाब लोक कांग्रेस के 27 प्रत्याशियों में से 3 उम्मीदवारों पर दर्ज हैं। इस तरह भाजपा गठबंधन के 117 उम्मीदवारों में से 34 उम्मीदवारों पर मामले दर्ज हैं जिनमें से 3 पर संगीन मुकदमे हैं। वहीं शिअद गठबंधन के 117 उम्मीदवारों से 68 पर मामले दर्ज हैं।

इस बार अपराधी प्रत्याशियों की तादाद बढ़ी
पंजाब में 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार के विधानसभा चुनाव में 215 अपराधी प्रत्याशियों की तादाद बढ़ी है। 2017 के विधानसभा चुनाव में 1 हज़ार 145 प्रत्याशियों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था जिसमे 100 प्रत्याशियों ने हलफ़नामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामला दर्शाया था। 100 अपराधी प्रत्याशियों में सात ऐसे प्रत्याशियों के ख़िलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इस बार के विधानसभा चुनाव में 315 अपराधी प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किय़ा है। अखबारों और टेलिविजन में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि का पहला इश्तहार की आखरी तारीख 8 फरवरी थी जो कि ख़त्म हो गई है। लेकिन अब चुनाव आयोग ने सख्त निर्दशे दिया है कि सभी सियासी दलों को तीन बार इश्तहार देकर प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की घोषणा जरूरी है।
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आम आदमी पार्टी को हो सकता है फ़ायदा
चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक पहला इश्तहार नामांकन वापस लेने के चार दिन पहले देना है। वही दूसरा इश्तहार नामांकन वापस लेने के 5वें से 8वें दिन के बीच दिन देना होगा। इसके साथ ही तीसरा इश्तहार 9वें दिन से प्रचार के आखिरी दिन (चुनाव की तारीख से एक दिन पहले) तक देना है। आपको बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ़ से यह निर्देश दिया गया है कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी और पीठासीन अधिकारी सभी सियासी दलों और प्रत्याशियों पर नज़र बनाएं रखेंगे। इसके साथ ही निर्धारित समय अवधि के दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि संबंधी इश्तहार का पूरा रिकॉर्ड भी रखेगे। सियासी जानकारों का कहना है कि चुनाव आयोग के इस क़दम से आम आदमी पार्टी को सियासी फ़ायदा पहुंच सकता है। क्योंकि आम अदमी पार्टी के उम्मीदवारों पर छोट मोटे मामले दर्ज हैं। इश्तहार देने से जनता सभी दलों के प्रत्याशियों के मुक़ाबले आम आदमी पार्टी की तरफ़ ज्यादा झुकेगी।
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