अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की जोड़ी के आगे बड़े-बड़े राजनीतिक धुरंदर पड़े फीके
जालंधर सीट पर हुए उपचुनाव में जीत के बाद आप का नया सदस्य अब लोकसभा में भी जनता की आवाज उठाएगा। यह एक ऐसा मौका है, जब केजरीवाल-मान की जोड़ी पर जनता ने फिर से भरोसा जताया है।

अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की जोड़ी के आगे बड़े-बड़े राजनीतिक धुरंदर भी नरम पड़ चुके हैं। इसके तमाम उदाहरण है, लेकिन ताता उदारण पंजाब की जालंधर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव है, जिसमें 24 सालों से कांग्रेस के कब्जे वाली सीट को आप की झोली में डाल दिया। इससे पहले इस जोड़ी ने गुजरात विधानसभा में बीजेपी की नींद उड़ा दी थी।
एक तरफ जहां जातिवादी, धर्म की राजनीति हो रही है। उसी के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे आम लोगों के मुद्दों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी आम आदमी जनता का नया भरोसा बन चुकी है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की जोड़ी ने यह साबित कर दिया कि असल मुद्दों पर बात
कैसे होती है और उनको कैसे पूरा करके दिखाया जा सकता है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकली पार्टी आज राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी है। अरविंद केजरीवाल ने जहां दिल्ली में काम और ईमानदारी का सफल मॉडल देश की राजनीति के सामने रखा तो दूसरी तरफ पंजाब में भी जनता को राहत मिली है। यही की वजह है कि आज आम का दायरा धीरे-धीरे पूरे देश में बढ़ता जा रहा है और केजरीवाल-मान की जोड़ी जय-वीरू की तरह सफल हो गई है।
महज एक दशक के अंदर देश की राजनीति में अपनी बड़ी जगह बनान छोटी बात नहीं है, क्योंकि यह मुकाम जनता के वोट से हासिल होता है और इसमें कोई शक नहीं है कि दिल्ली, पंजाब, गुजरात और गोवा की जनता ने आप पर भरोसा जताकर उसे नेशनल पार्टी का दर्ज दिलाया है।
दिल्ली की कुल 70 विधानसभा सीटों में से 63 पर आप के विधायक हैं। भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पिछले साल बनी, जिसमें 117 में से 92 विधायक आप के चुन गए। यह आंकड़े बताते हैं कि जनता को मान और केजरीवाल के त्याग और समर्पण पर पूरा भरोसा है।
इस जोड़ी ने पंजाब ही नहीं गुजरात में भी सियासी विरोधियों के खेमे में हलचल मचा दी थी। हाल ही में हुए चुनाव में 5 सीटें जीतकर 13 फीसदी वो शेयर पाकर गुजरात की धरती पर भी आम आदमी पार्टी का बीज बो दिया, जो जल्द एक बड़े और घने वृक्ष का आकार लेगा। इसकरे अलावा गोवा में भी पार्टी के 2 विधायक हैं।
केजरीवाल-मान की जोड़ी के बदौलत ही आज राज्यसभा में पार्टी के 10 सदस्य हैं। इसके साथ ही जालंधर उपचुनाव में जीत के बाद एक और सदस्य लोकसभा में पहुंच गया। आम आदमी के प्रति जनता का विश्वास यह दर्शाता है कि देश अब बदलाव चाहता है। वोट अब धर्म-जाति नहीं बल्कि विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए दिया जाएगा। आप ने साबित किया है कि लोग अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर जीवन के हकदार हैं, जिनको हर मोर्च पर राहत मिलनी चाहिए।












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