पंजाब : अकाली दल को मिले झटके के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटे सुखबीर बादल, जानिए किस तरह कर रहे हैं मैनेज ?
विधानसभा चुनाव के दिन करीब आते ही पंजाब में सियासी खेल शुरू हो चुका है। राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है।
चंडीगढ़, 3 दिसम्बर 2021। विधानसभा चुनाव के दिन करीब आते ही पंजाब में सियासी खेल शुरू हो चुका है। राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने अकाली दल का दामन छोड कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सिरसा के भारतीय जनता पार्टी ज्वॉइन करने की बात प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भारतीय जनता पार्टी को पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा दूसरे दलों के नेताओं पर दबाव डाल कर अपनी पार्टी की सदस्यता दिला रही है। सुखबीर बादल ने भारतीय जनता पार्टी पर लोगों को दबाव डालकर पार्टी में लाने का आरोप लगाया है।

सुखबीर बादल ने लगाए आरोप
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मनजिंदर सिंह सिरसा पर भारतीय जनता पार्टी ने दबाव बनाया जिसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी भी दबाव में नहीं आने वाले हैं, ऐसी ताकतों से बिना डरे हुए हम उनका सामना करने के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार सत्ता का ग़लत फ़ायदा उठा रही है। सुखबीर सिंह बादल ने भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम अपने सिद्धांतों से भाजपा के खिलाफ़ पीछे नहीं हटेंगे। केद्र सरकार की कृषि कानून के बिलों शिरोमणि अकाली दल ने विरोध करते हुए भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ दिया इसलिए केंद्र की भाजपा सरकार सत्ता का दुरुपयोग करते हुए हम लोगों पर दबाव बना रही है।

'हमने जो फ़ैसला लिया उस पर गर्व है'
शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि हमने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ कर किसानों का आंदोलन में साथ दिया इसलिए ही भाजपा हमारे साथ ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने का फ़ैसला लिया और हमारी पार्टी भाजपा के साथ चुनाव नहीं लड़ने का जो फ़ैसला लिया हमें अपने उस फ़ैसले पर गर्व हैं। विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल को रोकने की भारतीय जनता पार्टी कितनी भी कोशिश कर ले इसके बावजूद भी शिरमणि अकाली दल जीत दर्ज करेगी। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मनजिंदर सिंह सिरसा को केस मे फंसाकर शिरोमणि अकाली दल छोड़ने की धमकी दी गई। अगर डीएसजीएससी प्रमुख मनजिंदर सिंह सिरसा शिरोमणि अकाली दल नहीं छोड़ते तो उन्हें जेल भेंज दिया जाता।

संविधान का दुरुपयोग कर रही भाजपा
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद शिरोमणि अकाली दल अमन, चैन और आपसी भाईचारे के साथ सियासत करती है। केद्र की भाजपा सरकार शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने का सोच रही है लेकिन ये मुमकिन नही हो पाएगा। इसके साथ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर यह भी गंभीर आरोप लगाया कि हर बार संविधान के ख़िलाफ़ जा कर भाजपा दुसरी पार्टियों पर दबाव बनाकर उसे कमज़ोर करने का कोशिश करती है। आपको बता दें कि मनजिंदर सिंह सिरसा शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाते थे उन्होंने तीन कृषि कानुनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। हाल ही में मनजिंदर सिंह सिरसा ने अकाली दल को अलविदा कहते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
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