OPINION: एक साल का बेहतरीन शासन, जालंधर से वादा और सीएम के इस बड़े फैसले का 'आप' को मिला फायदा
भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के अंदर आम आदमी पार्टी को एक बाद एक बड़ी सफलता मिल रही है। जालंधर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आप प्रत्याशी को ऐतिहासिल जीत मिली है।

24 सालों से कांग्रेस का 'किला' मानी जाती रही जालंधर लोकसभा सीट पर आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। आप उम्मीदवार सुशील रिंकू ने कांग्रेस उम्मीदवार करमजीत कौर को हरा दिया, जिसके बाद पंजाब ने आम आदमी पार्टी के लिए फिर से लोकसभा के दरवाजे खोल दिए हैं।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान के वादों पर जालंधर की जनता ने भरोसा करते हुए कम समय के लिए ही भले, लेकिन एक बड़ी लोकसभा सीट पार्टी की झोली में डाल दी। आप के दिग्गज नेताओं ने जालंधर में पार्टी के प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी।
एक साल के कार्यकाल का फल
प्रचार और वादों के अलावा यह एक साल के उस शासन का भी नतीजा है, जिसको मान सरकार ने पंजाब की जनता को दिया है। अपने चुनावी वादों को आधे से ज्यादा पूरा कर चुकी मान सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में कई बड़े फैसले और जनता को राहत दी है।
मुफ्त बिजली से लेकर फ्री इलाज तक, सरकारी स्कूल से लेकर शिक्षा के स्तर में सुधार तक सभी क्षेत्रों में मान सरकार ने आम लोगों को राहत देने का काम किया है। अब पंजाब की सरकारी स्कूलें बड़ी-बड़ी प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने में लगी है। आम आदमी क्लीनिक में अब तक 20 लाख से ज्यादा लोग इलाज करा चुके हैं।
ऐसे में जो कहा सो किया वाले सिद्धांत पर काम करने वाली आम आदमी पार्टी को इसका पूरा फायदा जालंधर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिला। जालंधर की जीत आप को नई ऊर्जा देने का काम करेगी और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब आप के लिए बड़ी संजीवनी का काम करेगा।
जनता में बढ़ा मान सरकार के प्रति विश्वास
वहीं जानकारों की मानें तो जालंधर लोकसभा सीट के उपचुनाव में पार्टी को बड़े बड़ा फायदा सीएम मान के आम लोगों को दिए राहत भरे फैसले से हुआ है, जिसमें मान सरकार ने स्टांप ड्यूटी में छूट पर फैसला लिया था।
पंजाब की जनता को स्टांप ड्यूटी और प्रॉपर्टी रजिस्ट्री फीस में 2.25 फीसदी की छूट देने के फैसले से सरकार ने जहां रिकॉर्ड रिवेन्यू अर्जित किया, तो दूसरी तरफ राहत पाने वाली जालंधर की जनता ने आप के सिर पर जीत का सहरा सजा दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कैबिनेट की मीटिंग में बड़ा फैसला लेते हुए स्टांप ड्यूटी पर छूट की समयावधि 1 मार्च से लेकर 31 मार्च तक निर्धारित किया था, हालांकि बाद में 30 अप्रैल तक बढ़ाने के बाद 15 मई तक कर दिया। पंजाब सरकार के इस फैसले ने हर वर्ग को राहत मिली।












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