राजनीतिक संरक्षण के लिए कांग्रेस में शामिल हुए थे सुखपाल सिंह खैरा: सुशील गुप्ता
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को पुलिस ने उन्हें 8 साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया था।
खैरा के खिलाफ 2015 में फाजिल्का ड्रग्स तस्करी का मामला दर्ज है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को ड्रग्स मामले से जोड़ा है। उनपर आरोप है कि पर्सनल सेक्रेटरी के फोन से वह तस्करों से बात करते थे।

खैरा की गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद सुशील गुप्ता ने कहा कि अकाली और भूाजपा की जब प्रदेश में सरकार थी तो इनके ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ। जब कांग्रेस की सरकार आई, ये और उनके 10 साथियों को गिरफ्तार किया गया। इनके बाकी के साथियों को 10-10 साल की सजा हुई।
इनके पास सोने के बिस्कुट, हेरोईन पकड़ी गई, पाकिस्तानी सिम पकड़े गए, फर्जी पासपोर्ट पकड़े गए, इनके पास से काफी चीजें बरामद हुई। लेकिन सुखपाल खैरा जब गिरफ्तार थे, वो कांग्रेस में शामिल हुए। सीधे-सीधे यह बात समझ आती है कि इन्होंने ऐसा राजनीतिक संरक्षण के लिए किया ताकि उन्हें कैद ना हो इसलिए वह कांग्रेस में शामिल हो गए। उस समय सुप्रीम कोर्ट भी ये गए, वहां इन्हे राहत मिली।
कोर्ट ने कहा कि इन्हें गिरफ्तार ना किया जाए क्योंकि ये चुनाव लड़ रहे हैं, पुलिस तफ्तीश करे और जो भी गलतियां निकले उसपर कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी खुद नशे के विरोध में हैं तो नशे के व्यक्ति के साथ गठबंधन की बात समझ नहीं आती है।
बता दें कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, ओपी सोनी, पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह, भारत भूषण, विजय इंदर सिंगला, संगत सिंह गलजियां, बह्म महिंद्रा, बलबीर सिंह, श्याम सुंदर, मनप्रती बादल सहित कई नेताओं के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। प्रदेश सरकार की ओर से हो रही कार्रवाई के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।












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