अग्निवीर को शहीद का दर्जा ना मिलने पर AAP के 5 सवाल, चड्ढा बोले- केंद्र दे जवाब तो Agnipath का सच आ जाए सामने
अग्निवीर अमृतपाल सिंह का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान का साथ ना किए जाने पर अग्निपथ योजना पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पंजाब सरकार ने अग्निवीर की मौत को शहादत मानते हुए परिवार के लिए एक करोड़ की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। वहीं अब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने अग्निपथ योजना को केंद्र से सवाल किए हैं।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अग्निवीर अमृतपाल सिंह को सेना की ओर से शहादत का दर्जा नाम मिलने को शर्मनाक बताया। उन्होंने इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब की वीर भूमि पर जन्मे शाहिद अग्नि वीर अमृतपाल जो मानसा जिले से आते हैं। वह 11 अक्टूबर 2023 जब भारतीय सेवा में तैनात राजौरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर ड्यूटी पर थे। वहां उनकी मृत्यु हुई और उसे मृत्यु के उपरांत जब उनके पार्थिव शरीर को उनके गांव मानसा जिले में स्थित उनके गांव कोटली कला लाया गया तो अग्नि वीर स्कीम की सच्चाई देश की जनता के सामने आई।

आपको याद होगा कि जब अग्नि वीर योजना भाजपा सरकार लाई थी सेवा में युवाओं की भर्ती को लेकर बारे में कई सारी आशंकाएं जाहिर की जा रही थी। आम आदमी पार्टी ने भी बड़ी बुलंदी से अग्नि वीर योजना की आशंकाएं जाहिर की थी। महत्वपूर्ण प्रश्न उसे योजना से संबंधित भारत सरकार पर मोदी सरकार से किए, लेकिन उस समय भाजपा सरकार के कान पर जूं नहीं रेंगी। लेकिन आज यह कहने में मुझे कोई नहीं है कि जिसका डर था, वही हुआ। जब शाहिद अग्निवीर अमृतपाल के पार्थिव शरीर को उनके गांव कोटाली कला पंजाब में स्थित मानसिक जिले में कोटली कला गांव लाया गया तो ना ही उनके साथ कोई सेना की यूनिट थी। मात्र एक आर्मी के हवलदार, दो जवान सिविल वर्दी में उनके शरीर को लेकर प्राइवेट एंबुलेंस में उनके पार्थिव शरीर को लाया गया।
Recommended Video
आप सांसद ने कहा कि अग्नि वीर अमृतपाल जी को कोई सैन्य सम्मान नहीं दिया गया, ये बात पता लगी तो पंजाब पुलिस ने अंतिम विदाई के समय पुर स्टेट ऑनर्स और राजकीय सम्मान देने का फैसला किया। उनके अंतिम यात्रा पर पंजाब पुलिस ने सम्मान के साथ राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
सबसे चौकाने वाली बात ये रही कि उन्हे कोई सैन्य सम्मान अंतिम विदाई नहीं दी गई, जो अंतिम संस्कार के दौरान एक सैनिक को दिया जाता है। ना तो उनके परिवार को कोई सहायता दी जाएगी और ना ही उनके परिवार वालों को नई कोई पेंशन भी दी जाएगी और तो और अमृतपाल को शहीद का दर्जा भी नहीं दिया जाएगा।
एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। ऐसे में केंद्र में बैठी भाजपा सरकार से लोगों ने कई सवाल पूछे। जब केंद्र ने अग्निवीर अमृतपाल के लिए कुछ नहीं किया तो पंजाब सरकार सामने आई। राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल जी की आम आदमी पार्टी सैनिकों का अपमान नहीं देख सकती। ऐसे में पंजाब सरकार ने फैसला लिया है कि शाहिद अग्नि वीर अमृतपाल जी को पंजाब सरकार एक करोड रुपए की सम्मान राशियों के परिवार वालों को सहायता राशि देगी। उन्हें शहीद का दर्जा देगी।
आम आदमी पार्टी के पांच सवाल
राघव चड्ढा ने अग्निवार योजना को लेकर केंद्र को निशाने पर लिया। अग्निवीर अमृतपाल को मरणोपरांत सैन्य सम्मान ना देने पर आम आदमी पार्टी के सांसद ने केंद्र से पांच सवाल पूछे, जो निम्न हैं-
- क्या अग्निवीर अमृतपाल जी को सैन्य सम्मान न मिलाना क्या भारतीय सेवा का अपमान नहीं है?
- अगर अग्निवीरों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जा रहा है तो चार की ड्यूटी पूरी होने पर इस बात क्या गारंटी है कि उनका भविष्य सुनहरा होगा?
- क्या केंद्र सरकार नियमित जवानों और अग्नि वीर जवानों के बीच में कोई भेदभाव करती है?
- क्या दुश्मन की गोली से मरना ही शहादत है? ऑन ड्यूडी अन्य किसी कारणवश मौत शहादत क्यों नहीं? जबकि पहाड़ी, बर्फीले दुर्गम क्षेत्रों में सैनिक हर कदम पर जानलेवा परिस्थितियों का सामना करते हैं।
- कितने नेताओं के बच्चे अग्नवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए या फिर उन्होंने इस योजना के तहत आवेदन किया है?












Click it and Unblock the Notifications