पुणे में 13 स्कूलों पर लगा ताला, जिला परिषद ने आखिर क्यों उठाया बड़ा कदम
पुणे में अनाधिकृत स्कूलों के खिलाफ सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। पुणे जिला परिषद ने 13 अनाधिकृत स्कूलों को बंद कर दिया है। पुलिस ने 10 स्कूलों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुणे जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी संजय नाइकाडे ने बताया कि इनमें से दस स्कूलों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

पिछले साल से शिक्षा विभाग ने आवश्यक अनुमति नहीं लेने वाले अनाधिकृत स्कूलों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस साल पुणे जिला परिषद ने ऐसे 49 स्कूलों की पहचान की है।
नाइकाडे ने कहा कि 49 अनाधिकृत स्कूलों में से पांच को मंजूरी मिल गई है और तीन को सरकार से आशय पत्र मिल गया है। चार स्कूलों ने अदालत में याचिका दायर की है और दो ने जुर्माना अदा किया है।
जिन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उसमे किडगेर्जी स्कूल, जिजाऊ एजुकेशन सोसाइटी अभंग शिशु विकास कसूरडी, यशश्री इंग्लिश मीडियम स्कूल सोनावडी, मोई में भैरवनाथ इंग्लिश मीडियम स्कूल, अंबेगांव खुर्द में संस्कृति इंटरनेशनल स्कूल, कुंजीरवाड़ी में श्रीमती सुलोचनताई जेंडे बाल विकास मंदिर और प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
इसके साथ ही परने फाटा में रिवस्टोन इंग्लिश मीडियम स्कूल, फुरसुंगी में सोनाई इंग्लिश मीडियम स्कूल, मावल में श्रेयन इंटरनेशनल स्कूल और वेंकेश्वर वर्ल्ड स्कूल, कासारवाड़ी में माउंट एवरेस्ट इंग्लिश स्कूल, पिंपल निलख में श्री चैतन्य इंग्लिश मीडियम स्कूल विशालनगर, हडपसर में केयर फाउंडेशन पुणे द्वारा संचालित इमैनुअल पब्लिक स्कूल पर भी ताला लगा है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष पाटिल के आदेश के बाद इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी शैक्षणिक संस्थान नियमों का पालन करें और मानकों को बनाए रखें।












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