Fuel Price Hike 2026: पेट्रोल-डीजल, CNG- LPG सब महंगे, इस महीने आपकी जेब पर कितना पड़ा असर?
Fuel Price Hike 2026: देशभर में आम आदमी को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद घर का बजट बिगड़ना तय है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और टैक्स स्ट्रक्चर की वजह से ईंधन के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। इस नई बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि रसोई गैस, ट्रांसपोर्टेशन, सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई देगा।

कितने बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
भारत में सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। बीते दस दिनों में चौथी बार ईंधन की कीमतें बढ़ गईं है। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां लगातार हो रहे राजस्व घाटे की भरपाई के लिए चरणबद्ध तरीके से कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। नए रेट के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीज़ल अब 95.20 रुपये पर है।
CNG के दाम भी बढ़े
CNG की कीमतों का भी यही हाल है। दिल्ली-NCR में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस की कीमतें 17 मई को 1 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी गईं; यह बढ़ोतरी 15 मई को हुई 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के ठीक दो दिन बाद हुई है। दिल्ली में अब CNG की कीमत 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें बढ़कर 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। इसका सीधा असर ऑटो और टैक्सी किराए पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन महंगा हो सकता है।
LPG: खाना बनाना हुआ महंगा
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर दोनों की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। घरेलू 14.2 kg सिलेंडर के मामले में, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 7 मार्च को बिना सब्सिडी वाले घरेलू LPG की कीमत में प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की, जिससे दिल्ली में इसका रेट 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया। 1 मई से 19 kg वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में औसतन 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई। दिल्ली में इसकी कीमत 2,078.50 रुपये से बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गई, जबकि मुंबई में यह 2,031 रुपये से बढ़कर 3,024 रुपये हो गई।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
ईधन की कीमतों में यह उछाल इसलिए बना हुआ है क्योंकि मध्य-पूर्व में तनाव और अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करने के चलते वैश्विक कच्चे तेल की दरें ऊंची बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इसका सीधा असर देश में पड़ता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले हफ्तों में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सरकार टैक्स में राहत देकर कुछ राहत दे सकती है।
कैसे करें बचत?
कार पूलिंग अपनाएं, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, वाहन की नियमित सर्विस कराएं, LPG की बचत के लिए प्रेशर कुकर और कम फ्लेम का इस्तेमाल करें और अनावश्यक यात्रा कम करें।














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