'सड़क पर मौत का तांडव', तेज रफ्तार पोर्श कार सवार ने दो को रौंदा, नाबालिग को मिली जमानत, पिता गिरफ्तार
महाराष्ट्र में तेज रफ्तार कार का वीडियो सामने आया था, जिसमे कार सवार ने दो लोगों को रौंद दिया था, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई थी। कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कार सवार इसे नियंत्रित नहीं कर सका।
पुणे के कल्याणी नगर में पोर्श कार सवार ने बाइक सवार को रौंद दिया। बाक सवार और बाइक पर पीछे बैठे युवक की मौत हो गई। पुणे सिटी पुलिस के डीसीपी विजय कुमार ने कहा कि आरोपी कार सवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एफआईआर रजिस्टर कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार को यरवड़ा पुलिस स्टेशन में खड़ी कर दिया गया है। 19 मई को हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। पोर्से कार ने बाइक को पीछे से टक्कर मारी थी।
बार मालिक-मैनेजर गिरफ्तार
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पुलिस ने उस बार मालिक और बार के मैनेजर को भी गिरफ्तार कर लिया है। बार में 17 साल के नाबालिग को शराब परोसने के आरोप में इन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या है कानून
नाबालिक युवक अपने दोस्तों के साथ 12वीं के रिजल्ट का जश्न मनाने गया था। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में नाबालिग को बार में शराब पीते देखा गया है। महाराष्ट्र में कानून के अनुसार किसी भी रेस्ट्रो और बार में 25 वर्ष से कम उम्र के लड़के-लड़की शराब नहीं पी सकते हैं। उन्हें शराब नहीं परोसी जा सकती है।
आरोपी को मिली जमानत
वहीं इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को जमानत दे दी है। जबकि उसके पिता विशाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि इस घटना का जो वीडियो सामने आया था, उसमे देखा जा सकता है कि कार की रफ्तार काफी ज्यादा है।
हादसे में दो इंजीनियरों की मौत
इस हादसे में दो इंजीनियरों की मौत हो गई है। जिनकी पहचान अनीस दुधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई है। ये दोनों राजस्थान के रहने वाले हैं। यह हादसा शनिवार देर रात तकरीबन 2.30 बजे हुआ। हादसे के बाद आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार कार सवार नाबालिग था और कार चलाते वक्त वह नशे में था। आरोपी अपने दोस्तों के साथ पार्टी करके लौट रहा था। घटना के 15 घंटे बाद निचली अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है।
कोर्ट ने इन शर्तों पर दी जमानत
आरोपी को 15 दिनों तक ट्रैफिक कांस्टेबलों के साथ ट्रैफिक पुलिस की मदद करनी होगी
आरोपी को अपना इलाज मनोचिकित्सक से कराना होगा
भविष्य में आरोपी कोई दुर्घटना देखता है तो दुर्घटना में पीड़ितों की मदद करनी होगी
सड़क दुर्घटना के प्रभाव और उसके समाधान पर 300 शब्दों का निबंध लिखना होगा












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