मालिन गांव में भूस्खलन के कहर के बाद भी बना हुआ है खतरा

मानवीय गतिविधियां और पहाड़ का लगातार कटना अब इससे भी ज्यादा घातक सिद्ध हो सकता है। अभी जियोलॉजिकल वैज्ञानिकों ने जानकारी दी कि यदि वहां अब अगर भारी बारिश हुई तो फिर से भूस्खलन का कहर टूट सकता है और आस-पास के गांवों पर भी इसका खतरनाक असर पड़ सकता है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी खतरा लगातार बना हुआ है।
जानवरों के कंकाल भी निकले
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने 30 जुलाई की आपदा के बाद मलबे में दबे हुए जानवरों के 33 कंकाल निकाले हैं। इतने भारी भूस्खलन के बाद मिट्टी औऱ मलबे के लगे ढेर से पता ही नहीं चल पा रहा है कि कितने और शव अभी भी दबे होंगे। इसलिए आपदा प्रबंधन अधिकारी दल जेसीबी मशीन से खुदाई कर रहे हैं। औऱ बचाव कार्या अभी भी जारी है।
बीमारी फैलने का है खतरा
मलबे के नीचे इतने शव दबे हैं। जिनको निकाले जा रहा है। लेकिन कई शव इतने अंदर ही अंदर सड़ चुके हैं की अगर उनसे निकलने वाले किटाणु वायुमंडल में घुले तो गंभीर बीमारी फैल सकती है। इसलिए आपदा प्रबंधन की ओर से किटाणुनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications