तीन महीने के मासूम ने मौत को मात दी

थोड़ी देर में एक तीन महीने की नन्ही जान जिंदा देखा। दल के सदस्यों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। उस नन्ही जान का नाम है रुद्र। रुद्र अभी तीन महीने का ही है लेकिन उसने अपने सामने मौत को मात दी। इसे कुदरत का करिश्मा ही कहेंगे कि रुद्र के रोने की आवाज से मलबा हटाया तो साथ ही उसके परिवार के अन्य सभी सदस्यों की भी जान बचा ली गई। रुद्र के परिवार के अन्य सदस्य तो लगभग बेहोशी स्थिति में पहुंच चुके थे। थोड़ी देर और होती तो बचाना बहुत ही मुश्किल था।
अभी तक पचास शव
पुणे के कलेक्टर सौरभ राव ने बताया कि हमने अब तक 50 शव बरामद किए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राव राहत कार्यो पर 24 घंटे नजर बनाए हुए हैं। यह गांव बुधवार को हुए भूस्खलन में पूरी तरह नष्ट हो गया। यह जानकारी भी सामने आई है कि मालिन गांव के एक मंदिर के परिसर में सो रहे 20 से अधिक लोग संभवत: नजदीक में बहने वाली नदी की जलधारा में बह गए।
नदी के किनारे अभियान
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम ने लोगों की तलाश के लिए नदी के किनारे अभियान शुरू किया है। यह नदी लगातार हो रही बारिश की वजह से उफान पर है। राहत एवं बचाव टीम सभी बाधाओं को पार करते हुए करीब 130 लोगों की तलाश में जुटी हुई है। जिनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, अधिकांश लोगों के बचने की उम्मीद काफी क्षीण है।
मंत्री जी भी पहुंचे
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने गुरुवार को मालिन का दौरा किया और राहत कार्यो का जायजा लिया।
इस बीच, शुक्रवार सुबह से मलिन और इसके आसपास के इलाके में तेज हवा के साथ भारी बारिश जारी है, जिससे राहत कार्य धीमा हुआ है।
इनपुटः इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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