यूपी में MLC चुनाव से पहले राजा भैया को बड़ा झटका, पार्टी उम्मीदवार अक्षय प्रताप सिंह इस आरोप में दोषी करार
प्रतापगढ़, 15 मार्च: उत्तर प्रदेश में होने वाले एमएलसी चुनाव से पहले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को बड़ा झटका लगा है। राजा भैया के करीबी और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के उम्मीदवार अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी को कोर्ट ने आईपीसी की 420, 468 व 471 के मामले में दोषी करार दिया है। फर्जी एड्रेस पर रिवॉल्वर लाइसेंस लेने के आरोप में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ऊर्फ गोपाल जी दोषी साबित हो गए हैं। एमपी/एमएलए कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह को 22 मार्च को सजा सुनाएगी। कोर्ट ने अक्षय प्रताप को 22 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे तलब किया है।

क्या है पूरा मामला ?
निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह पर फर्जी एड्रेस पर रिवॉल्वर लाइसेंस लेने का आरोप लगा था। अक्षय प्रताप सिंह अमेठी के जामो के रहने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय प्रताप सिंह ने प्रतापगढ़ का एड्रेस दिखाकर रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था। तत्कालीन कोतवाल ने 1997 में नगर कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह केस विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए (सिविल जज, सीनियर डिवीजन) एफडीसी द्वितीय की कोर्ट में चल रहा था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अक्षय प्रताप सिंह पेश नहीं हुए।
राजा भैया के करीबी और रिश्तेदार हैं अक्षय प्रताप सिंह
बता दें, अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी व रिश्तेदार हैं। अक्षय प्रताप प्रतापगढ़ में तीन बार से एमएलसी और एक बार सांसद रह चुके हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया ने अक्षय प्रताप सिंह को एमएलसी उम्मीदवार घोषित किया है। पिछली बार गोपालजी सपा के टिकट पर निर्विरोध एमएलसी निर्वाचित हुए थे। कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद उनके एमएलसी चुनाव लड़ने को झटका लगा है।












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