क्या 'जंगलराज' से सत्ता की संजीवनी पा लेंगे नितीश कुमार?

बन रहा है नया अध्याय-
- 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में जदयू और राजद चार-चार सीटों पर तथा कांग्रेस दो सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है।
- बिहार की दस विधानसभा सीटों नरकटियागंज, राजनगर, जाले, छपरा, हाजीपुर, मोहिउदीननगर, परबत्ता, भागलपुर, बांका और मोहनिया पर उपचुनाव हैं।
- पहले इन सीटों में से छह भाजपा, तीन राजद और एक जदयू के पास थी। हाल में जीत से उत्साहित भाजपा के इन दस सीटों में से नौ पर लोजपा के साथ की संभावना है।
क्या कह रही है भाजपा-
- चूंकि भाजपा के पास अब संख्या गणित का सवाल खड़ा हो सकता है इसलिए उसे लालू-नितीश की यह चाल महज़ मौकापरस्ती ही नज़र आ रही है।
- कभी लालू के नेतृत्व वाले बिहार मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार वरिष्ठ मंत्री थे लेकिन कुछ मतभेदों के कारण उन्होंने भाजपा का दामन थामा पर अब अलग हो गए।
- समझौते के अनुसार राजद और जद-यू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ेंगी जबकि कांग्रेस दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी जो कि जंग दिलचस्प होने वाली है।
लालू-नितीश गठबंधन के मायने-
- जिस 'जंगल राज' का विरोध कर जदयू व नितीश कुमार ने सत्ता हथियाई थी अब उस सवाल-जवाब में जदयू के पास क्या जवाब है।
- अगर आपराधिक आंकड़ों की बात करें तो जदयू राज में ही बीते साल जून में 86,798 केस सामने आए जो पर जुलाई से दिसंबर तक यह 98,163 हो गए।
- जिस तरह से भाजपा ने क्लीन स्वीप किया उसके बाद से ही नितीश कुमार को राजनैतिक भविष्य की चिंता के लिए राजद याद आई।
क्या उठते हैं सवाल-
- बिहार में अब तक कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू का शासन देखने के बाद जनता क्या बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन को मौका देगी?
- बिहार के दो धुर विरोधी साथ आकर नए गठबंधन का प्रयोग कर रहे हैं तो बिहार की जनता इन्हें किस रूप में स्वीकार करती है?
- जिस 'जंगल राज' के खात्मे के साथ नितीशक कुमार ने जनता को अपने पाले में किया था अब उस मुहावरे का क्या भविष्य होगा?












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