बिहार में क्या है मौत की सबसे बड़ी वजह?

पटना (मुकुंद सिंह)। बिहार में क्राइम रेट बढ़ा तो सबने कहा जंगल राज आ गया इसलिये दो महीने में 550 हत्यायें हुईं। लेकिन उन मौतों का क्या, जो लापरवाही की वजह से होती हैं। जिन आंकड़ों की बात हम करने जा रहे हैं, उन्हें देखने के बाद आप एक ही बात कहेंगे, कि बिहार के लोग अपने स्वास्थ्य का जरा भी खयाल नहीं रखते। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बिहार में 34.9 फीसदी लोग किसी न किसी घाव की वजह से मरते हैं।

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यह हम नहीं बल्क‍ि बिहार के स्वस्थ्य मंत्रालय में आयी डेथ सर्टिफिकेट की रिपोर्ट कह रही है। सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार की जिसमें डेथ सर्टिफिकेट में लिखे गये मौत के कारणों का एक डाटाबेस तैयार किया गया। इसमें सबसे ज्यादा कारण घाव के नासूर बनने से हुई मौतें थीं।

रिपोर्ट के आधार पर वनइंडिया से बातचीत में सर्जन डा. सहजानंद सिंह ने बताया कि आम तौर पर लोग छोटे-मोटै जख्म को हलके में ले लेते हैं और उसमें इंफेक्शन हो जाता है। इंफेक्शन खून में जाता है और फिर व्यक्त‍ि को सेफ्टिसेमिया हो जाता है। इससे पूरे शरीर में शरीर मे जहर फैल जाता है, जो मौत का कारण बन जाता है। खास बात यह है कि इसके सबसे जादा शिकार युवा बन रहे हैं।

चलिये अब स्लाइडर में देखते हैं बिहार में और क्या-क्या हैं मौत के कारण-

संक्रामक रोग

संक्रामक रोग

26.7 फीसदी लोगों की मौत संक्रामक रोगों की वजह से होती है।

हार्ट अटैक

हार्ट अटैक

29.7 फीसदी मौत हार्ट अटैक से होती है।

चोट लगने के कारण

चोट लगने के कारण

34.9 फीसदी घाव मे होने वाले इंफेक्शन की वजह से।

आत्महत्याएं

आत्महत्याएं

4.5 फीसदी मौतें खुदकुशी करने से होती हैं।

मौत के अन्य कारण

मौत के अन्य कारण

4.2 फीसदी अन्य कारणों से मौतें होती हैं।

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