• search
पटना न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

लालू से दूर होकर नीतीश के करीब आएंगे पासवान!

|
nitish kumar
पटना। राजनीति अनिश्चिताओं का खेल है। इसमें कभी का दोस्त दुश्मन बन जाता है तो कभी का दुश्मन दोस्त बन जाते है। बिहार की राजनीति में ये खासतौर पर देखने को मिल रहा है। पहले एनडीए के पुराने साथी जेडीयू में कांग्रेस के प्रति नरमी दिखा तो अब जेडीयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तेवर इस पार्टी को लेकर तल्ख होते नजर आ रहे हैं।

इतना ही नहीं अब तक आरजेडी और लोजपा से दूरी रखने वाले नीतीश ने इशारों-इशारों में कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में लोकजनशक्ति पार्टी के साथ गठबंधन बना सकती है। नीतीश ने कहा कि राजनीति संभावना का खेल है। नीतीश ने कहा कि अभी इस बारे में अभी किसी से कोई बात नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इन दिनों बिहारल की राजनीति में कई बदलाव हो रहे है और कई आने वाले दिनों में होने है। रामविलास पासवान और लालू प्रसाद यादव की दोस्ती के बीच खटास पड़ने की खबरें तेजी से फैल रही है। ऐसे में लग रहा है कि सालों ने चल रहा आरजेडी और एलजेपी गठबंधन टूटने के कगार पर है। अगर ऐसा होता है तो नीतीश के लिए संभावनाएं बढ़ जाती है। बीजेपी से संबंध टूटने के बाद माना जा रहै है कि सीटों के समीकरण को सुधारने के लिए नीतीश रामविलास पासवान से हाथ मिला सकते है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

पटना साहिब की जंग, आंकड़ों की जुबानी
स्ट्राइक रेट
BJP 100%
BJP won 2 times since 2009 elections

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The meeting between RJD and LJP came a day before a meeting of LJP Parliamentary Board to take a call on the issue of alliance amid demands from some quarters within the party that LJP should also explore the possibilities of an alliance with ruling JD(U).
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more