चंडीगढ़ की तरह पटना को विकसित करने की क़वायद तेज़, जानिए क्या है सरकार का प्लान ?
बिहार में इन दिनों पर्यटन, औद्योगिक और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रिंग रोड बनाने की क़वायद तेज़ की जा रही है।
पटना, 20 अप्रैल 2022। बिहार में इन दिनों पर्यटन, औद्योगिक और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रिंग रोड बनाने की क़वायद तेज़ की जा रही है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार पटना को चंडीगढ़ की तरह विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। इसलिए ही पटना वासियों को पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट पार्किंग का निर्माण कर रही है। इसलिए पटना में बिहार सरकार ने 38 जगहों पर स्मार्ट पार्किंग बनाने का फैसला लिया है।

स्मार्ट पार्किंग में आधुनिक सुविधाएं
पटना में बन रहे स्मार्ट पार्किंग में सीसीटीवी, ऑनलाइन बुकिंग, मोबाइल चार्जिंग और टॉयलेट जैसी कई सुविधाएं मौजूद रहेंगी। पटना में अभी कई जगहों पर पार्किंग चार्ज नहीं देना पड़ता है। लेकिन स्मार्ट पार्किंग बन जाने के बाद पहले के मुक़ाबले में पार्किग टिकट का चार्ज ज़्यादा पड़ेगा। अभी फोर व्हीलर पार्क करने के शुल्क 25 से 30 रुपये है। वहीं स्मार्ट पार्किंग में यह शुल्क बढ़ कर 40 से 50 रुपये तक हो सकता है। इसी तरह पहले टू व्हीलर (मोटर साइकिल) पार्क करने के लिए 5 से 10 रुपये चार्ज देना होता था। अब स्मार्ट पार्किंग में 20 से 25 रुपए टिकट चार्ज देना पड़ सकता है।

स्टेट हाइवे के निर्माण बेहतर होगी कनेक्टिविटी
बिहार में स्टेट हाईवे के निर्माण के बाद भोजपुर,सीवान,मुजफ्फरपुर, बक्सर, नवादा, गया, मधुबनी, सीतामढ़ी, बांका, भागलपुर सुपौल और अररिया के लोगों को काफ़ी फ़ायदा होगा।इन 13 जिलों के अलावा अन्य क़रीबी जिले के लोगों को फायदा होगा क्योंकि स्टेट हाइवे के निर्माण से दूसरे जिलों के रोड की भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इन सबके अलावा बिहार सरकार चंडीगढ़ की तर्ज़ पर पटना में पार्क मॉडिफिकेशन की योजना भी तैयार कर रही है। पटना के पार्कों में अब पहले से ज़्यादा हरियाली देखने को मिलेगी।

90 फ़ीसद सौंदर्यीकरण का काम पूरा
22 पार्कों के लगभग 90 फ़ीसद सौंदर्यीकरण का काम पटना पार्क पर मंडल की तरफ़ से करीब पूरा कर लिया गया है। मॉडिफिकेशन के तहत पार्को की बाउंड्री, ट्रैक, मोरम, लाइट, बेंच और पानी की व्यवस्था को पहले से दुरुस्त किया गया है। इसके साथ ही अगले सप्ताह पार्क प्रमंडल 2 और 3 के अन्तर्गत आने वाले विभिन्न पार्कों में पौधारोपण का काम शुरू किया जाएगा। पार्कों की बाउंड्री वाल के क़रीब सटे स्पेस 3 लेयर में पौधारोपण किया जाएगा। वहीं ज्यादा जगह होने पर बड़ी प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधे में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम और बाहेड़ा शामिल है।

पार्कों में लगाए जा रहे पौधे
पार्को में जहां जगह की कमी होगी वहां छोटी प्रजाति के पौधे ही लगेंगे। छोटी प्रजाती के पौधे में देसी प्रजाति के छपवान, जरहुल, गुलमोहर और अमलतास का नाम शामिल है। आपको बता दें कि इको पार्क के उत्तर क्षेत्र में स्टैंडर्ड रोड के करीब बाउंड्री वाल के पास पौधा लगाने के साथ ही देसी प्रजाति के बड़े पौधे लगाए जा रहे हैं। चिल्ड्रन पार्क (कांटी फैक्ट्री रोड) कोकोनट पार्क, एफ सेक्टर पार्क, विद्यापुरी पार्क, रेंटल फ्लैट, मुन्ना पाठक पार्क, मैनेजर पार्क और एजी कॉलोनी पार्क में भी पौधे लगाए जाएंगे।
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