नीतीश नहीं मोदी से लालू का लगता है डर, माना नबंर-1 दुश्मन

हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जबर्दस्त सफलता ने कांग्रेस के साथ-साथ आरजेडी की भी बेचैनी बढ़ा दी है। भाजपा की जीत से लालू यादव अपनी रणनीति में बदलाव भी कर रहे हैं। आरजेडी के लिए अबतक सिर्फ नीतीश कुमार ही चुनौती के तौर पर ऊभरे थे, लेकिन अब भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी भी लालू के लिए बड़ी चुनौती के तौर पर ऊभरे है।
लालू के लिए अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के बजाए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी दुश्मन नंबर वन बन गए हैं। जो लड़ाई अब तक लालू और नीतीश के बीच चल रही थी उसमें अब मोदी ने भी एंट्री कर ली है। लालू की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी पहले ही यह इशारा कर दिया था कि अगले साल चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी शीर्ष तीन में नहीं होंगे। ऐसे में अब आरजेडी के निशाने पर नीतीश नहीं बल्कि मोदी होंगे। माना जा रहा है कि पार्टी धर्मनिरपेक्षता के सहारे नरेंद्र मोदी को अपना निशाना बनाएगी। खास बात ये भी है कि नीतीश की पार्टी के कांग्रेस से जुड़ने की संभावना खत्म होने के बाद अब माना जा रहा है कि आरजेडी कांग्रेस से गठजोड़ कर सकती है। हलांकि जिस तरह से सीबीआई ने लालू की जमानत के लिए कोर्ट में विरोध नहीं किया उससे इसकी उम्मीद और भी बढ़ जाती है। कांग्रेस लालू का इस्तेमाल बिहार में नरेन्द्र मोदी के खिलाफ प्रचार करने में कर सकती है।












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