'आने दो सत्ता में बीजेपी, आरएसएस पर लगा दूंगा बैन'

लालू ने भाजपा व उसके सहयोगी संगठनों पर घृणा की राजनीति करने का आरोप लगाया। लालू बोले कि ऐसे प्रवीण तोगड़िया व गिरिराज सिंह जैसे लोग अपने बयानों के सहारे चर्चा में बने रहना चाहते हैं।
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आरजेडी अध्यक्ष ने बुधवार को एक सभा में कहा कि भाजपा बांटने-तोड़ने की राजनीति करती आई है, जिसे जनता के सामने ऐक्सपोज करने के लए वे संकल्प कर चुके हैं। लालू यहीं नहीं रुके, उन्होंने गिरिराज सिंह को नेता ना मानते हुए कहा कि ''बीजेपी दागी आरएसएस का मुखौटा है , जो सांप्रदायिकता की खोखली ताकत के सहारे देश पर अधिकार जमाने की मंशा रखता है।
जब 'भगवा' दल की कारतूतें सामने आने लगती हैं, तो पूरी पार्टी 'सफाई अभियान' में लग जाती है।''लालू ने चुटकी लेते हुए कहा कि भगवान ना करे, ऐसी ताकतों का देश पर कब्जा हो जाए, तो ये सभी धर्मो में फूट डाल देंगे व देश बदहाली के रंग में रंग जाएगा। हालांकि चुनाव आयोग के गिरिराज सिंह पर उठाए कदम को आरजेडी प्रमुख लालू के साथ ही कांग्रेस ने भी उचित माना है।
लालू की इस नाराजगी और कांग्रेस के लगातार पलटवार से फिलहाल गिरिराज सिंह पर कोई असर नहीं हुआ है। सिंह ने गुरुवार को चुनाव आयोग के सामने पेश होने की हामी तो भरी है, पर ना ही अपनी गलती मानी है और ना ही ऐसी बयानबाजी ना दोहराने का आश्वासन ही दिया है।
मसलों की तपन चाहे जितनी भी हो, पर लालू याद अपने प्रतिबंध से ही नहीं, बल्कि बिहार में बढ़ती नीतीश कुमार की लोकप्रियता पर तिलमिलाए हुए हैं। ऐसे में बयानबाजी और विरोध दर्ज कराने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते।












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