शरद-लालू भी मुलायम को मनाने में हो चुके हैं विफल
पटना (मुकुंद सिंह)। लालू प्रसाद यादव ने मीडिया से कहा, "मुलायम सिंह यादव मेरे समधी हैं और उनके और मेरे बीच पर्सनल उठा-पटक तो जायज है। मैंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कह दिया है कि जो नेता जी कहें, वो करो।" लालू की ये मीठी-मीठी बातें तब फीकी पड़ जाती हैं, जब यथार्थ पर नजर पड़ती है।
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असल में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को मनाने के सभी प्रयास विफल हो गए हैं। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव सबसे पहले मुलायम को मनाने गये थेए पर लाख कोशिश करने के बाद भी वे विफल हो गए। शरद के बाद मुलायम को मानने के लिए लालू प्रसाद दिल्ली गएए लेकिन मुलायम नहीं माने।
क्या कहते हैं केसी त्यागी
समाजवादी पार्टी के बिहार विधानसभा चुनाव में अलग होने और 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भी अभी तक जदयू का मुलायम सिंह से मोह भंग नहीं हुआ है। केसी त्यागी ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से हमारी कोई लड़ाई नहीं है। हमारी लड़ाई भाजपा के साथ है। वहीं जदयू सांसद अली अनवर ने कहा कि स्वाभिमान रैली में सपा के शिवपाल यादव जी ने आकर बिहार के लोगों को मुलायम सिंह का संदेश दे दिया है।
मुलायम ने नीतीश पर साधा था निशाना
दिल्ली में सपा के दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन मंगलवार को मुलायम सिंह यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला था और कहा था कि साढ़े 12 साल तक नीतीश भाजपा के साथ रहे। अब वह सेक्यूलर कैसे हो सकते हैं।













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