बिहार में निर्दलीय प्रत्याशी साबिर अली ने ठोंका संजय गांधी पर मुकदमा

बगावती जदयू विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि उक्त तीनों ने उनकी प्रस्तावक विधायक पूनम देवी के आवास पर जाकर धमकी दी। उनके फोन भी टेप किए जा रहे हैं।
वहीं ज्ञानू ने आरोप लगाया कि कई वरिष्ठ मंत्री हार्स ट्रेडिंग में लगे हैं। मौके पर पूनम देवी और जदयू के निलंबित विधायक रवींद्र राय भी मौजूद थे। साबिर अली ने कहा कि उनके प्रस्तावक विधायकों पर जब धमकी का असर नहीं हुआ तो उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं।
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ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने भी इस बाबत विधायक पूनम देवी से बात की है। भारतीय दंड विधान की धारा 171 (ख) व (ग) के तहत यह दंडनीय अपराध है और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है।
इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी पत्र लिखा गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को साबिर अली ने लिखा है कि सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग द्वारा पूर्व में यह नियमन दिया जा चुका है कि इस तरह के चुनाव में किसी भी पार्टी द्वारा व्हिप जारी नहीं किया जा सकता है।
सत्ताधारी दल ने व्हिप जारी करने का निर्णय लिया है। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद अधिवक्ता मंगलम ने कहा कि सदन के बाहर व्हिप उल्लंघन से सदस्यता नहीं जा सकती है। हालांकि मामला अभी जल्द थमता नजर नहीं आ रहा है।












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