चिकन पॉक्स की चपेट में आये मुजफ्फरपुर के 116 गांव

पटना (मुकुन्द सिंह)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग प्रखंडों के 116 गांवों में 25 दिन से चिकन पॉक्स फैल गया है। 897 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। 235 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। हालांकि बीमारी से अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है।

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Chicken Pox

अचानक बढ़ी बीमारी के प्रकोप पर केन्द्र सरकार ने रिपोर्ट तलब की है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी मेडिकल अधिकारियों को अलर्ट किया है। चिकन पॉक्स से जिले के सभी प्रखंडों के लोग प्रभावित हुए हैं।

किन इलाकों में कितने मामले

औराई में 18, बंदरा में 12, बोचहां में 28, गायघाट में 76, कांटी में 21, कटरा में 27, कुढ़नी में 60, मड़वन में 142, मीनापुर में 87, मोतीपुर में 56, मुरौल में 60, मुशहरी में 172, पारू में 65, साहेबगंज में पांच, सकरा में 24, सरैया में 44 मरीज मिले हैं।

इन प्रखंडों के इन गांवों में प्रकोप

औराई प्रखंड के बसैठा, राजखंड, भरथुआ, चौहटा में चिकन पॉक्स का प्रकोप है। बंदरा प्रखंड के सेमरा, बरियारपुर, रामपुर दयाल में भी मरीज मिले हैं। इसी तरह बोचहां के बाजिदपुर, कर्णपुर, झपहां, सीमराहा, उनसर, गायघाट के जयामैठी, कमरथु, ढुबौली, जारंग, लक्ष्मीनगर, कांटा, बेनीबाद, परौंछा, केवटसा, बलौर, महेशवारा में भी बीमारी का असर दिखा है। कांटी प्रखंड के पकड़ी, मिर्जापुर, मुबारकपुर, शहबाजपुर, नारायण बेरियाहीं, कटरा प्रखंड के बैकोरी वार्ड चार, चानपुरकटरा, लक्ष्मीपुर, कुढ़नी प्रखंड के पकाहीं, सुमेरा, चिकनी,धरमुहा, कफेन,गौरिया, चंद्रहटी में चिकन पॉक्स ने अपना असर दिखाया है।

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मड़वन प्रखंड के रेपुरा, रूपौली, मकडुमपुर कोदरिया आदि गांवों में बीमारी का प्रकोप हुआ है। सिविल सजर्न डॉ ललिता सिंह ने कहा कि चिकन पॉक्स बीमारी नियंत्रित है। कहीं से मरने की सूचना नहीं है। किसी भी मरीज को पीएचसी या एसकेएमसीएच में भर्ती करने की नौबत नहीं आयी। विशेष मेडिकल टीम की व्यवस्था की गयी है। हर रोज बीमारी की रिपोर्ट व मॉनिटरिंग हो रही है।

गंदगी और वायरस से फैली है यह बीमारी

तापमान में अचानक बदलाव के कारण और वायरस के प्रकोप से चिकन पॉक्स की बीमारी फैल गयी। एक से दूसरे में बीमारी फैल गयी। आबादी घनत्व अधिक होने से मरीजों की संख्या बढ़ी । प्रख्यात कालाजार रोग विशेष डॉ. टीके झा ने बताया कि यह बड़ी बीमारी नहीं है। गंदगी व आबादी के घनत्व के कारण बीमारी फैली।

निरीक्षण के बाद असर

आठ फरवरी को राज्य स्वास्थ्य समिति की टीम के निरीक्षण के बाद कई सुविधाएं बहाल की गयीं। गांवों में हर रोज चिकन पॉक्स मरीजों की खोज में आशा, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, एएनएम को लगाया गया है। सभी पीएचसी में विशेष मेडिकल टीम की व्यवस्था हुई है। एसकेएमसीएच में अलग दस बिस्तरों का वार्ड बना है, लेकिन एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। एक भी मौत नहीं हुई है।

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