शराब की तलाश में नवविवाहित दुल्हन के कमरे में घुसी बिहार पुलिस, बिस्तर, अल्मारी, सूटकेस सब छान मारा

शराबबंदी के कानून का पालन करने के नाम पर बिहार पुलिस आधी रात को एक नवविवाहित महिला के कमरे में घुस गई। इस दौरान पुलिस टीम में कोई महिलाकर्मी भी नहीं थी।

पटना, 18 दिसंबर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की थी। शराब की बिक्री किसी भी प्रदेश के लिए राजस्व का एक बड़ा जरिया होता है। नीतीश कुमार ने राजस्व की परवाह न करते हुए महिलाओं मांग स्वीकार की, लेकिन आज इस कानून की वजह से महिलाओं को पुलिस की ज्यादतियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल बिहार में शराबबंदी कानून के नाम पर बिहार पुलिस बिना अनुमति के ही लोगों के घर में घुसकर उनकी तलाशी ले रही है।

शराब की तलाश में नवविवाहित बहू के कमरे में घुसी पुलिस

शराब की तलाश में नवविवाहित बहू के कमरे में घुसी पुलिस

ऐसा ही एक अन्य मामला गुरुवार रात को सामने आया, जहां वैशाली पुलिस हाजीपुर शहर के हाथसरगंज क्षेत्र में रहने वाली शीला देवी के घर में शराब की तलाशी लेने के लिए घुस गई। शराब की तलाशी लेने के लिए पुलिस उनकी बहू के बेडरूम में घुस गई। शीला के बेटे की पांच दिन पहले ही शादी हुई थी। तलाशी के नाम पर पुलिस ने उनकी बहू के पूरे कमरे का हुलिलाय बिगाड़कर रख दिया।

पुलिस टीम में नहीं थी कोई महिला पुलिसकर्मी

पुलिस टीम में नहीं थी कोई महिला पुलिसकर्मी

जिस समय पुलिस ने छापेमारी की उस समय शीला की बहू पूजा अपने कमरे में ही थी। हैरानी की बात ये है कि पुलिस की टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी। पुलिस उनके कमरे में घुर गई और हर एक कोने की तलाशी ली। पूजा ने शनिवार को मीडिया को बताया कि पुलिस वालों ने हमारे बेड सहित पूरे कमरे को छान मारा। सूटकेश, अलमारी सबकुछ। जब मैंने उनसे पूछा कि आप क्या खोज रहे हो, तो उन्होंने मुझसे चुपचाप रहने को कहा। उन्होंने कहा कि वह दारू की बोतल को तलाश रहे हैं जो इस कमरे में रखी गई है।

शर्मनाक स्थिति देख सास हुई बेहोश

शर्मनाक स्थिति देख सास हुई बेहोश

इस शर्मनाक स्थिति देखकर उसकी सास बेहोश हो गईं। पूजा ने कहा कि मां के बेहोश होने पर भी पुलिस अपना काम करती रही, उन्होंने घर की तलाशी लेना बंद नहीं किया।इस पूरे मामले को लेकर शीला देवी ने कहा कि छापे के बाद, हम इलाके में एक शर्मनाक स्थिति का सामना कर रहे हैं। हमारे परिवार में पहले से ही कोई शराब नहीं पीता है, इसके बाद भी पुलिस ने बिना सर्च वॉरंट के हमारे घर में छापेमारी की।

महीने में इस तरह की दूसरी घटना

महीने में इस तरह की दूसरी घटना

जब वैशाली के एसएसपी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इस महीने की शुरुआत में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां बिहार पुलिस शराब की तलाशी का बहाना कर एक नवविवाहित महिला के कमरे में घुस गई थी। इस पर बिहार पुलिस की काफी किरकिरी भी हुई थी। इसी बीच सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शराबबंदी का निर्णय महिलाओं की मांग पर लिया है।

बिहार में फेल शराबबंदी का मॉडल- माझी

बिहार में फेल शराबबंदी का मॉडल- माझी

वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माझी ने बिहार में शराबबंदी को सरकार को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के नाम पर गरीब लोगों को पकड़ा जा रहा है क्योंकि वे शराब पीकर सड़क पर घूमते हैं, जबकि आईएएस, पीसीएस, ठेकेदार, व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर और अमीर लोग रात में 10 बजे के बाद शराब पीते हैं और सो जाते हैं। वहीं आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि मांझी बिलकुल सही बोल रहे हैं। बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से फेल हो चुकी है। हर जगह शराब बिक रही है।

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