बिहार के विधायकों की हुई बल्ले-बल्ले, जानिए कैसे?
पटना(मुकुंद सिंह) विधायकों की मांग पर सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की गाइड लाइन को बदल दिया है। इससे पहले इस योजना के तहत विधायक 20 योजनाओं पर काम करने के लिए अनुसंशा करते थे लेकिन अब नई गाइडलाइन के बाद 30 योजना के कार्यान्वयन के लिए अनुशंसा करेंगे। आपको बताते चलें कि नई गाइडलाइन में सबसे बड़ी बात यह है कि पहले विधायक की अनुशंसा पर गांव व शहरों में गली का निर्माण होता था वह अब नहीं होगा।

उनकी अनुशंसा पर जले हुए ट्रांसफर को बदला जाता था उसके लिए अब विधायक अनुशंसा नहीं करेंगे।
जिससे अब सार्वजनिक स्थलों पर चापाकल व जल पूर्ति योजना बंद होने का शोर नहीं मचेगा। सरकार के द्वारा इस योजना को जारी रखने का फैसला लिया गया है। इस योजना के बंद होने की आशंका को लेकर विधानमंडल के बजट सत्र में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने पुनर्विचार करने को लेकर सरकार पर दबाव बनाया था । जिसको देखते हुए योजना एवं विकास विभाग द्वारा जारी संसाधित गाइड लाइन में या कहा गया है कि पूर्व में जारी मार्गदर्शिका की कंडिका छह में संशोधन किया गया है।
आपको बता दें कि पूर्व में 20 योजनाओं के लिए ही विधान मंडल के सदस्य अपनी अनुशंसा कर सकते थे, लेकिन संसोधन के बाद उनकी संख्या 30 हो गई है। जिन योजनाओं पर अब काम होगा उनमें भवन हीन पंचायत सरकारी भवन का निर्माण ,भवन हीन आगनवाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण, गोदाम निर्माण ,समुदायिक भवन, सार्वजनिक बस पड़ाव ,यात्री शेड ,सार्वजनिक पुस्तकालय, वकालत खाना का निर्माण ,नदी एवं सार्वजनिक तालाबों के घाट का निर्माण एवं मेला स्थलों का निर्माण ,कला मंच खेल के मैदान एवं स्टेडियम का निर्माण, सार्वजनिक चबूतरा का निर्माण आदि की योजनाएं शामिल है।
इसके अतिरिक्त सरकारी विद्यालय तथा राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त अनुदानित इंटर विद्यालय की भूमि जो राजपाल के नाम से निबंधित है जिसमें बेंच डेस्क की व्यवस्था व साइकिल शेड का निर्माण ,सरकारी विद्यालय एवं पुस्तकालय भवनों का निर्माण कर पुस्तकालय एवं वकालत खानों के पुस्तकालय में पुस्तक क्रय पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग किया जाता है तो राजकीय ,राजकीयकृत तथा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय और राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालय जिनकी भूमि राजपाल के नाम से निबंधित है जिसमें चाहरदीवारी का निर्माण ,सरकारी मदरसा जो पूर्णत: सरकारी नियंत्रणाधीन है का निर्माण विधायकों की अनुशंसा पर हो सकती है।
इसके साथ ही विधायक के द्वारा विकलांगों के कल्याण के लिए तिपहिया साइकिल एवं दो पहिया कुर्सी ,हर्ष चालू या बैटरी चलित , ब्रेटा निर्माता के अधीन एवं ख्यातिप्राप्त विक्रेता से निविदा के माध्यम में सोलर लाईट अधिष्ठापन सरकारी अस्पतालों के लिए एंबुलेंस और शव वाहन की खरीदी , के साथ साथ सार्वजनिक स्थलों पर नए चापाकल का अधिष्ठान , अनुमंडल प्रखंड के सभाकक्ष का निर्माण मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत निर्मित पुस्तकालय एवं सामजिक भवनों के उपस्कर एवं पुस्तक की खरीदी करने की अनुशंसा कर सकते हैं।
आपको बताते चलें कि जिन 11 योजनाओं को नई गाइडलाइन में शामिल किया गया है उनमे सरकारी जमीन पर पार्क बनाना तथा बने पार्कों का विकास करना सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मदरसा या संस्कृत विद्यालय में भवन एवं छात्रावास का निर्माण करना, विद्यालयों में पुस्तकों को संरक्षित करने के लिए बुक सेल्फ का निर्माण करना ,स्टेडियम मे जिम , खेल सामग्री एक लाख तक की खरीदी कर सकते हैं।
इसी तरह से उच्च एंव माध्यमिक विद्यालयों में कमरा एवं शौचालय का निर्माण करना ।वैसे प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय जहां कमरा एवं शौचालय का अभाव है और पूर्व से संबंधित योजना एवं सरकारी अस्पताल प्रखंड कार्यालय में जन सुविधाओं की निर्माण की योजना के साथ साथ विद्युत शवदाह गिरी का निर्माण कराना। वही इसके अतिरिक्त वैसी योजना जो समय समय पर सरकार द्वारा निर्देशित हो उसका निर्माण भी कराया जा सकता है। संसोधित गाइड लाइन की कंडिका छह में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार के चल अचल संपत्ति की मरम्मत के लिए एवं मेंटेनेंस संबंधित कार्य मूर्ति स्थापना निजी संस्थानों ,व्यक्ति विशेष, अनाधिकृत क्षेत्रों तथा धार्मिक स्थल के निर्माण संबंधी कोई भी कार्य अंशदान, अनुदान एवं भूमि का अधिग्रहण अथवा अधिग्रहित भूमि के लिए कोई मुआवजा राशि का भुगतान तथा अनुदान चल एवं अचल परिसंपत्तियों पर किसी प्रकार का आवर्ती व्यग एवं राजस्व का भुगतान करने की अनुशंसा मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विधान मंडल के सदस्य नहीं कर सकते हैं।












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