बिहार विधानसभा चुनाव: तीसरे चरण में अपराधियों पर एक नजर
पटना। बिहार में तीसरे चरण के मतदान 28 अक्टूबर को होंगे, जिसमें 808 प्रत्याशियों की किसमत ईवीएम में कैद हो जायेगी। जीतने वाले का बैकग्राउंड कैसा होगा, यह कहना मुश्किल है, लेकिन चुनाव लड़ने वाले का बैकग्राउंड अभी हम बता सकते हैं। चलिये एक नजर डालते हैं बिहार चुनाव में अपराधियों पर एक नजर।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की रिपोर्ट-
- 808 में से 215 प्रत्याशियों के ऊपर क्रिमिनल केस चल रहे हैं।
- 162 (20%) प्रत्याशी हत्या, अपहरण, आदि जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रह चुके हैं।
- 31 उम्मीदवारों पर हत्या के मामले दर्ज हैं।
- कुमराह विधानसभा क्षेत्र के अजय कुमार पर हत्या के 8 मामले दर्ज हैं।
- कुमराहा सीट पर समरस समाज पार्टी के राजीव रंजन सिंह पर हत्या के 7 मामले चल रहे हैं।
- डुमरांव से बसपा के प्रदीप कुमार और मोकामा से स्वतंत्र उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह पर पांच-पांच मर्डर केस हैं।
- भाजपा के पांच, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 3, जदयू 2, राजद के 2, और सपा के 1 प्रत्याशी पर हत्या के मामले दर्ज हैं।
- कुल 57 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं।
- भाजपा के विशेष्वर ओझा पर हत्या के प्रयास के 10 मामले दर्ज हैं।
- भाजपा के 4, सीपीआईएम के 7, जदयू के 6, राजद के 2, कांग्रेस के 2, सपा के 4 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं।
- 12 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं।
पार्टीवार आपराधिक मामले
भाजपा के 34 में से 21 (62%) उम्मीदवारों पर, सीपीआई के 19 में 7 (37%), बसपा में 47 में 9 (19%), जदयू के 18 में से 10 (56%), सपा के 31 में से 12 (39%), राजद के 25 में से 17 (68%), कांग्रेस के 7 में से 3 (43%), लोजपा के 10 में 4 (40%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।












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