जीतन राम मांझी का कितना, और कहां तक साथ देगी भाजपा
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी 20 फरवरी के बाद नई पार्टी बनाएंगे या भाजपा के साथ मिलकर आगे राज्य की राजनीति करेंगे। अभी इन सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।

इस सारे प्रकरण से भाजपा को इस तरह से प्रोजेक्ट नहीं करना चाहती कि मानो वह सत्ता चाहती है। इस बीच, बिहार भाजपा के नेताओं की कल पटना में बैठक है।
हालांकि मांझी भाजपा को यूज तो करना चाहते हैं अपने फायदे के लिए। एक दौर में वे भाजपा को पानी-पी पीकर कोसते थे । अब वे भाजपा के नेताओं से मैत्री बढ़ा रहे हैं। वे अमित शाह के बेटे की दिल्ली में आयोजित रिस्पेशन में भी थे। भाजपा के नेताओं से गले मिल रहे थे। बहुत देर तक गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ गप मारते रहे।
विपक्ष में भाजपा
उधर बिहार भाजपा के नेता सुशील मोदी ने साफ किया कि भाजपा अगले छह महीने तक विपक्ष में ही बैठेगी। वह आगे या पीछे किसी भी दरवाजे से सत्ता में आने की दावेदार नहीं है।
शाह के निर्देश
इस बीच, खबर है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश के नेताओं को पूरी तरह से चुनावी मोड में आने के निर्देश देते हुए कहा है कि राजनीतिक घटनाक्रम जो भी हो वे विरोधी खेमे के नेता नीतीश के खिलाफ अपना अभियान सतत रूप से जारी रखें।
भाजपा की अहम बैठक
भाजपा विधायक दल की बैठक 18 फरवरी को पटना में होगी, जिसमें सदन की रणनीति पर चर्चा होगी। भाजपा बिहार के हित में फैसला करेगी। पार्टी ने सारे विकल्प खुले रखे हैं।
इस बीच, मोदी ने नीतीश कुमार पर राज्य को संवैधानिक और राजनीतिक संकट में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि नीतिश की महत्वाकांक्षाओं के कारण बिहार पिछड़ गया है। बहरहाल, आने वाले कुछ दिनों में बिहार का राजनीतिक संकट सुलझ जाने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications