बिहार चुनाव: पप्पू यादव ने जारी की पहले चरण के प्रत्याशियों की लिस्ट, कहा- तीन साल में विकास करके दिखाऊंगा
पटना। बिहार में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम का ऐलान होना शुरू हो गया है। जदयू, आरजेडी और माले के बाद जन अधिकार पार्टी (जाप) ने भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पहले फेज के 33 विधानसभा सीटों पर पप्पू यादव की पार्टी जाप की ओर से 33 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है। बता दें, पप्पू यादव ने जाप के साथ कई अन्य दलों को मिलाकर प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन बनाया है। गठबंधन की ओर से पप्पू यादव सीएम चेहरा बनाए गए हैं। जाप की ओर से प्रतिज्ञा पत्र पर जारी कर दिया गया है, जिसमें 30 साल बनाम तीन साल का नारा दिया गया है। प्रतिज्ञा पत्र जारी करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि 30 साल दोनों भाईयों ने बिहार को बर्बाद करने का काम किया है, लेकिन मेरी सरकार बनते ही तीन साल में बिहार का विकास करके दिखाउंगा। अगर ऐसा नहीं कर सका तो खुद सीएम पद से रिजाइन कर दूंगा।

33 सीटों पर प्रत्याशियों की लिस्ट जारी
प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के तहत जाप की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है, जिसमें कटोरिया, तारापुर, जमालपुर, लखीसराय, शेखपुरा, बाढ़, संदेश, बड़हरा, तरारी, शाहपुर, ब्रहमपुर, डुमरांव, भभुआ, चैनपुर, चेनारी, नोखा, डेहरी, अरवल, कुर्था, जहानाबाद, ओबरा, नवीनगर, कुटुम्बा, औरंगाबाद, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज, गया टाउन, अतरी, वजीरगंज, रजौली, सिकन्दरा और जुमुई सीट शामिल है।

किस सीट पर किसे बनाया उम्मीदवार?
कटोरिया से रोजमेरी किस्कु, तारापुर से कर्मवीर कुमार, जमालपुर से महेश यादव लखीसराय से विमल कुमार, शेखपुरा से अजय कुमार, बाढ़ से प्रो श्यामदेव प्रसाद सिंह, सन्देश से बबन कुमार, बरहरा से रघुपति यादव, तरारी से संजय राय, शाहपुर से राकेश कुमार मिश्र, जहानाबाद से सुल्तान अहमद, जमुई से शमशाद आलम, गया टाउन से निकिल कुमार, इमामगंज से फकीरचंद दास को उतारा है।

जाप और पीडीए गठबंधन घरों में बैठ ट्वीट-ट्वीट नहीं खेलते: पप्पू यादव
जन अधिकार पार्टी (जाप) अध्यक्ष पप्पू यादव ने रविवार को कहा था कि उनकी जाप और उनका पीडीए गठबंधन घरों में बैठकर ट्वीट-ट्वीट नहीं खेलते, बल्कि सड़कों पर उतरकर संघर्ष करते हैं। पप्पू यादव ने कहा था कि एनडीए हो या महागठबंधन, दोनों ही पार्टियों में छोटे दलों को सम्मान नहीं दिया जाता। महागठबंधन में कांग्रेस की जिम्मेदारी थी कि छोटे दलों की हिफाजत करती, लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया।












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