Ganga Expressway पर खत्म हुआ FREE का सफर! अब एक चक्कर का कितना लगेगा Toll? चेक करें नई Rate List
Ganga Expressway Toll Rates: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे यानी 'गंगा एक्सप्रेसवे' पर मुफ्त सफर का आनंद ले रहे यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट है। 29 अप्रैल 2026 को उद्घाटन के बाद दी गई 'फ्री ट्रायल' की अवधि अब समाप्त हो गई है। अब मेरठ से प्रयागराज तक के 594 किलोमीटर लंबे इस गलियारे पर सफर करने के लिए आपको अपनी जेब ढीली करनी होगी। आइए जानतें हैं आपकी गाड़ी के हिसाब से मेरठ से प्रयागराज के बीच अब कुल कितना टोल टैक्स वसूल किया जाएगा।
यूपीडा (UPEIDA) द्वारा जारी की गई नई दरों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे पर 'क्लोज्ड टोल सिस्टम' लागू किया गया है। इसका मतलब है कि आप जितनी दूरी तय करेंगे, टोल भी उतना ही लगेगा। यह पूरी वसूली फास्टैग (FASTag) के जरिए होगी, ताकि वाहनों को कहीं रुकना न पड़े।

वाहनों की कैटेगरी और प्रति किमी रेट:
- कार, जीप और वैन: ₹2.55 प्रति किलोमीटर
- बाइक, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर: ₹1.28 प्रति किलोमीटर
- मिनी बस और हल्के कमर्शियल वाहन: ₹4.05 प्रति किलोमीटर
- भारी वाहन (बस और ट्रक): ₹8.20 प्रति किलोमीटर
- 7 या उससे अधिक एक्सेल वाले बड़े वाहन: ₹16.10 प्रति किलोमीटर
Meerut to Prayagraj: मेरठ से प्रयागराज तक का 'खर्च'
अगर आप कार से मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा सफर (594 किमी) तय करते हैं, तो आपको लगभग ₹1,515 का टोल देना होगा। वहीं, बस और ट्रक चालकों के लिए यह राशि करीब ₹4,840 तक जा सकती है। छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए यह खर्च लगभग ₹2,405 तय किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे टोल रेट लिस्ट (प्रमुख स्टेशन)
- मेरठ (शुरुआत): यहां से एक्सप्रेसवे पर आपकी एंट्री होगी।
- सिंभावली: यहां तक कार-जीप के लिए ₹90 और बस-ट्रक के लिए ₹285 लगेंगे।
- स्याना: यहां तक पहुंचने पर कार-जीप का ₹205 और बस-ट्रक का ₹635 टोल कटेगा।
- हसनपुर: यहां कार-जीप के लिए ₹255 और बस-ट्रक के लिए ₹795 देने होंगे।
- संभल: यहां कार-जीप का ₹345 और बस-ट्रक का ₹1,090 टैक्स लगेगा।
- बदायूं: यहां तक कार-जीप के लिए ₹435 और बस-ट्रक के लिए ₹1,375 चुकाने होंगे।
- प्रयागराज (आखिरी पॉइंट): मेरठ से प्रयागराज तक के पूरे सफर के लिए कार-जीप का कुल ₹1,515 और बस-ट्रक का ₹4,840 टोल तय किया गया है।
बिना रुके कटेगा टोल: नई MLFF तकनीक
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए आधुनिक 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस सिस्टम में सड़क पर कोई भौतिक बाधा (Barrier) नहीं होगी। जैसे ही आपकी गाड़ी एक्सप्रेसवे से गुजरेगी, वहां लगे सेंसर आपके फास्टैग और रजिस्ट्रेशन नंबर को पढ़कर ऑटोमेटिक टोल काट लेंगे। हालांकि, फिलहाल एग्जिट पॉइंट पर कुछ जगहों पर मैनुअल पेमेंट की व्यवस्था है, जिसे जल्द ही अपडेट कर दिया जाएगा।
इन 12 जिलों को जोड़ता है एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से सीधे जोड़ता है। यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों से होकर गुजरता है। पूरे रूट पर 2 मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैंप प्लाजा बनाए गए हैं ताकि आवाजाही सुगम बनी रहे।














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