मानसूनी आफत से कराह उठा बिहार, अब तक 46 की मौत
पटना। बिहार में मानसून के आने का संकेत मिलने के बाद जहां बिहार वासी बेशर्म गर्मी और धूल फाकती जिंदगी से निजात पाने की उम्मीद लगाए बैठे थे। वहीं कल शाम बिहार में घुसे मानसून ने अपना कहर ढहाते हुए सूबे के 46 लोगों को निगल लिया।

देर शाम तेज मानसूनी बारिश और आंधी के साथ-साथ आकाशीय बिजली के गिरने की घटनाओं में बिहार के कई हिस्सों में 46 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई दर्जन लोग घायल हो गए।
मानसूनी आफत से कराह उठा बिहार, अब तक 46 की मौत
राज्य के विभिन्न जिलों से मिली खबर के अनुसार ठनका यानी बिजली गिरने से अब तक राजधानी पटना में 4, रोहतास में 5, बक्सर में 3, भोजपुर में 2, औरंगाबाद में 4, नालंदा में 4, सारण में 3, कैमूर में 3, समस्तीपुर में 2, वाल्मीकिनगर में 1, भागलपुर में 2, सहरसा में 3, मधेपुरा में 1, मुंगेर में 2, पूर्णिया में 4 और कटिहार में 3 लोगों की मौत होने की सूचना है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चज रहा है।
वज्रपात में पूरा परिवार झुलसा
बिटहा के आस-पास के गांव में वज्रपात ने जमकर तांडव मचाते हुए एक परिवार के सभी सदस्यों को अपने आगोश में ले लिया। जिससे परिवार के सभी लोग बुरी तरह झुलस गए। घटना की सूचना के बाद ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
आनन-फानन में लोगों ने झुलसे लोगों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया। चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित करते हुए अन्य जख्मी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज हेतु पटना भेज दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने वाला पूरा परिवार बारिश से पूर्व खेत में काम कर रहा था। अचानक आई तेज आंधी तूफान और गोरस से भागकर पास में स्थित सरकारी नलकूप में छिप गए तभी तेज प्रकाश के साथ गिरी ठनका की चपेट में आकर झुलस गए।
नौबतपुर इलाके में ठनका गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो जख्मी हो गए जिन्हें इलाज के लिए नर्सिंग होम भर्ती कराया है। राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने मानसून के कहर को देखते हुए सभी मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।












Click it and Unblock the Notifications