राम रहीम के खिलाफ डेरे के मैनेजर की हत्या मामले पर इस तारीख को आएगा कोर्ट का फैसला
पंचकूला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में चल रहे एक और मामले पर जल्द फैसला आ सकता है। यह मामला है वर्ष 2002 में हुई डेरे के मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या का। पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए राम रहीम के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। जिसके बाद यह मामला सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पहुंचा। अब इस मामले की 18 अगस्त को सुनवाई होगी, उस दिन प्रॉसिक्यूशन को अपना पक्ष रखना होगा। जिसके बाद कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।

रंजीत मर्डर मामले में आएगा फैसला
राम रहीम के खिलाफ चल रहे इस मामले में बीते रोज सीबीआई जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग की कोर्ट में बहस हुई थी। जहां बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हो गई। उसके बाद जज ने कहा कि, अब मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। बताया जा रहा है कि, रंजीत सिंह के मर्डर के इस केस में उसी दिन फैसला आएगा। राम रहीम के खिलाफ कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है, क्योंकि वह इस मामले में आरोपी है।

अनुयायियों को नपुंसक बनाने का मामला भी प्रक्रिया में
राम रहीम के खिलाफ सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों को नपुंसक बनाए जाने का मामला भी अदालत में चल रहा है। जिसमें सीबीआई कोर्ट की ओर से 87 गवाहों के बयान की प्रति जुटाई गई हैं। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी मामले पर फाइनल डिस्पोजल के लिए 1 सितंबर के लिए सुनवाई तय की है। पंचकूला स्पेशल कोर्ट को इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही तय किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने पिछले दिनों राम रहीम को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा था। बता दिया जाए कि, सीबीआई ने पंचकूला स्थित स्पेशल कोर्ट के 16 फरवरी 2019 के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें 87 गवाहों के बयानों की प्रति गुरमीत राम रहीम को दिए जाने के निर्देश दिए गए थे।
सीबीआई ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि, पंचकूला स्पेशल कोर्ट का यह फैसला सही नहीं है, लिहाजा, इसे खारिज किया जाए। मालूम हो कि, साल 2015 में सीबीआई ने 87 गवाहों के बयान और स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सील कवर में दी थी। सीबीआई की ओर से, चूंकि ये बयान ओपन डॉक्यूमेंट का हिस्सा नहीं है और गवाहों के बयान सीबीआई जांच का अहम हिस्सा हैं तो यह दस्तावेज क्यों राम रहीम को मुहैया कराए गए। सीबीआई का कहना है कि, ऐसे दस्तावेज की प्रति राम रहीम के लिए नहीं दी जा सकती। इसी मामले में सीबीआई ने 1 फरवरी 2018 को पंचकूला स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें गुरमीत राम रहीम के साथ दो डॉ. पंकज गर्ग और डॉ एमपी सिंह को आरोपी बनाया गया था।












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