तल्ला सईद के लिए 'प्रैक्टिकल एग्जाम' की तरह थे गुरदासपुर और उधमपुर के हमले!
लाहौर। तल्ला सईद, शुक्रवार को भारतीय मीडिया में आया वह नाम जो आगे चलकर देश के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद का बेटा तल्ला का नाम जम्मू के उधमपुर में हुए आतंकी हमले में पकड़े गए आतंकी मोहम्मद नावेद उर्फ उस्मान खान उर्फ कासिम खान ने लिया है। कासिम की ओर से दी गई जानकारी पर अगर यकीन करें तो तल्ला के लिए गुरदासपुर और उधमपुर में हुए आतंकी हमले आतंकवाद के 'रिटेन एग्जाम' से पहले होने वाले 'प्रैक्टिल एग्जाम' की तरह ही थे।

तल्ला होगा लश्कर का नया आका
बहुत कम समय में लश्कर में शामिल होने वाला तल्ला आगे चलकर हाफिज सईद के बाद संगठन की जिम्मेदारी संभालने वाला है। बताया जा रहा है कि हाफिज सईद अब बूढ़ा हो गया है और हो सकता है कि आने वाले वर्षों में तल्ला को ही भारत के खिलाफ युद्ध को अंजाम देने वाले आतंकी के तौर पर जाना जाए।
कासिम से इस समय एनआईए और बीएसएफ के साथ ही कुछ और एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। इसी पूछताछ में उसने तल्ला से जुड़ी कुछ बातें बताई हैं। गुरदासपुर और उधमपुर हमलों के सिलसिले में की जा रही पूछताछ में ही उसका
नाम सामने आया है।
गुरदासपुर और उधमपुर हमले के पीछे तल्ला
जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक नावेद ने कुछ मौकों पर उसका नाम लिया। इससे पता लगता है कि भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के मकसद में तल्ला काफी सक्रिय है।
इंटलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक तल्ला को हाफिज सईद ने अब भारत के खिलाफ आगे कर दिया है। गुरदासपुर और उधमपुर में हुए हमले हो सकता है कि तल्ला के ही दिमाग की साजिश हो। हाफिज ने शायद तल्ला से उसकी योग्यता को साबित करने को कहा हो और उसने इन हमलों की साजिश रची हो।
तल्ला सईद को अक्सर अपने पिता के साथ देखा गया है। पिछले कुछ वर्षों से हाजिफ उसे तैयार कर रहा था। बताते हैं कि संगठन के अंदर किसी को भी इस बात से आपत्ति नहीं है कि तल्ला आगे चलकर इस संगठन का नेतृत्व करे। हालांकि हाफिज सईद नहीं चाहता कि योग्यता साबित हुए बिना तल्ला के बारे में कोई फैसला दे दिया जाए।
आईएसआई का सपोर्ट
तल्ला सईद लश्कर की विचारधारा को समर्थन देने और अपने पिता को सपोर्ट करने के लिए पिछले कई वर्षों से काम कर रहा है। आईबी की रिपोर्ट के मुताबिक तल्ला को अब्दुर रहमान मक्की ने कड़ी ट्रेनिंग दी है। लश्कर में भले ही हाफिज सईद ने उसे एंट्री दी हो लेकिन मक्की उसका असली आदर्श रहा है।
तल्ला को सबसे पहले हर कैडर के बीच अपनी पकड़ बनाने को कहा गया है। पिछले तीन वर्षों में तल्ला को लश्कर के अंदर बड़ी जिम्मेदारी मिलने की खबरें हैं। आज वह लश्कर कैडर्स का चहेता बन चुका है।
तल्ला को आईएसआई का समर्थन भी हासिल है और वह तल्ला को बड़ी जिम्मेदारियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।












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