पाक राजदूत ने कहा - अगर हमारे पीएम खालिस्तान,असम सिक्किम की बात करें तो?
नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पूरी कोशिश की कि वे कश्मीर पर अपनी नीति को पूरी दुनिया तक पहुंचाएं।

लेकिन जम्मू और कश्मीर स्थित उरी में भारतीय सेना के बेस कैंप पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान अलग-थलग हो गय। दुनिया के तमाम देशों सहित रूस,जर्मनी, यूरोपीय संसद, यहां तक की कुछ हद तक अमेरिका भी भारत के साथ खड़ा हुआ।
इस दौरान कश्मीर मामले पर पाकिस्तान के दो खास राजदूत मुशाहिद सैयद और शेजरा मंसल अली खान ने कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिकी समर्थन पाने की कोशइस की लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाए।
पाकिस्तान ने एक अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में बातचीत के समय दोनों राजदूतों ने कुछ बातें कही हैं जो अमेरिका को भी चुभ सकती हैं।
अमेरिका को दी धमकी
1.मुशाहिद सैयद ने कहा कि पाकिस्तान के पास अमेरिका के बाद भी दूसरे विकल्प है। उन्होंने कहा कि हमारे संबंध अच्छे हैं लेकिन अगर जारी नहीं रहा तो पाक चीन और रूस के साथ जा सकता है।
2.सैयद ने कहा कि अमेरिका अब वैश्वविक शक्ति नहीं रहा, अब इसकी ताकत कम हो रही है।
3.मुशाहिद ने कहा कि अमेरिका का भारत की ओर झुकना, अमेरिकी हित में नहीं है। कहा कि हम देख रहे हैं कि अमेरिकी नीतियां पाक से भारत की ओर बढ़ रही हैं। इससे दक्षिण एशिया में अमेरिका की सुरक्षा और लाभ पर उल्टा असर होगा।
4. शेजरा मंसब अली ने तो यहां तक कह दिया कि हमारा मुख्य मुद्दा है कश्मीर। बिना इसे हल किए बिना शांति कायम नहीं हो सकती। चूंकि दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं तो इस मामले पर शांति कायम करनी होगी।
अगर पाक पीएम खालिस्तान की बात करें तो?
5. मुशाहिद ने कहा कि भारत में पीएम तक बलूचिस्तान का नाम लेते हैं। अगर पाक पीएम खालिस्तान,नागालैंड, त्रिपुरा, असम या सिक्किम का जिक्र करें तो क्या हो सकता है। आप खेल के नियमों को बदल रहे हो, फिर हमे जैसे को तैसा अपनाना पड़ेगा।
6.मुशाहिद ने यह भी कहा कि मोदी यू टर्न ले सकते हैं। हमें लगता है कि आने वाले कुछ समय में दोनों मुल्कों के रिश्ते बेहतर हो जाएंगे।
7.मुशाहिद ने कहा कि भारत युद्ध बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। मोदी युद्ध बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। भारत पाक के बीच तनाव भारत के लिए खतरनाक साबित होगा। पाक से युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था को 10 साल पीछे ढकेल देगा।
कश्मीर मुद्दा सुलझेगा तभी...
8.मुशाहिद ने कहा कि जब तक भारत कश्मीर का मामला नहीं सुलझा लेता तब तक उसका विकास और पाक के साथ रिश्ते बेहतर नहीं हो सकते। भारत एनएसजी, यूएन सुरक्षा परिषद, और सभी जगह अपी मौजूदगी चाहता है। ऐसा तभी होगा जब पाक से रिश्ते अच्छे होंगे।
9.मुशाहिद ने यह भी कहा कि कश्मीर के शांति के बिना काबुल में शांति नहीं हो सकती।
10.आखिर में मुशाहिद ने कहा कि ऐसा लगता है कि अमेरिका इसमें अपनी बेहतर भूमिका अदा कर सकता है। भारत पर दबाव बना सकता है।












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