पुलवामा हमला: पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर शांति की बात करने वाले पाकिस्तान के पीएम इमरान खामोश
इस्लामाबाद। जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले को 48 घंटे होने वाले हैं और पूरी दुनिया इस हमले की निंदा कर रही है। हमले को पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया है। पाकिस्तान की ओर से हमले पर प्रतिक्रिया आई लेकिन वही पुराना राग कि हमले में हमारा कोई हाथ नहीं है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात है पाक प्राइम मिनिस्टर इमरान खान की चुप्पी। जो इमरान खान चिट्ठी भेज-भेजकर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से शांति वार्ता की गुहार लगा रहे थे, अब वही खामोश हो गए हैं। पाकिस्तान के विदेश विभाग की ओर से तो बयान जारी हो रहे हैं लेकिन पीएम चुप हैं।

सेना ने बनाया है पीएम
भारत के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस बात का जिक्र किया। शुक्रवार को गुस्से में भरे सीएम अमरिंदर सिंह बोले पाक के पीएम इमरान खान शांति की बात करते हैं और उनकी सेना के कमांडर जनरल कमर जावेद बाजवा युद्ध की भाषा बोलती है। कैप्टन सिंह ने तो यहां तक कह डाला कि इमरान को पीएम ही पाकिस्तान आर्मी के लिए वजह से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पाक सेना और आईएसआई ने इमरान खान को पीएम बनाया ताकि वह भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ सके। पंजाब की विधानसभा तो पाकिस्तान की निंदा का प्रस्ताव तक पास किया गया है।

सेना कभी शांति नहीं चाहती है
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर क्रिस्टीन फेयर ने भारत के न्यूज चैनल सीएनएन आईबीएन से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान या कोई और जब कभी भी भारत के साथ शांति की बात करेंगे तो सेना उसे कभी पूरा नहीं होने देगी। इमरान खान ने कुछ नहीं कहा मगर पाकिस्तान के विदेश विभाग की ओर से बयान आ गया। पाक के विदेश विभाग ने साफ-साफ कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है। वहीं पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बड़ी बेअदबी से भारत को धमकी देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग-थलग करके दिखाएं।

जैश के साथ इमरान के गहरे संबंध
इमरान खान और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बीच क्या कनेक्शन है, यह बात सबको मालूम है। 14 फरवरी को जब आतंकी हमला हुआ तो कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर इस तरफ इशारा किया। मनीष तिवारी ने साफ-साफ लिखा कि जैश ने पाक में इमरान की सरकार के गठन में मदद की है। उन्होंने लिखा कि जैश की वजह से इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पिछले वर्ष जुलाई में चुनाव जीतकर सत्ता में आ सकी। उन्होंने आरोप भी लगाया कि इस समय जैश का पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर में एक नया हेडक्वार्टर है और यह सब इमरान की वजह से हो सका है।

कभी कहते थे युद्ध कोई हल नहीं
करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के समय इमरान, भारत के साथ संबंधों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे। वह कह रहे थे कि दोनों देश परमाणु ताकत से लैस हैं और ऐसे में युद्ध कोई समाधान नहीं हो सकता है। अब जबकि भारत फिर से पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद के दर्द से गुजर रहा है, इमरान गायब हैं। इमरान शायद अब कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि वह सेना और आईएसआई के आगे बेबस हो चुके हैं।












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