Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान से फिसले बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा प्रांत, अब POK बचाने का क्या प्लान?
Pakistan Train Hijack: आतंक को पालने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान खुद कांप रहा है। दो बड़े प्रांत बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के हाथ से फिसल चुके हैं। अब पाक अधिकृत कश्मीर (POK) की बारी है। बलूचिस्तान में तो 11 मार्च 2025 की दोपहर एक बजे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को ही हाईजैक करके 150 फौजियों को बंधक बना लिया। 100 बलूचों ने हमला बोला था। ट्रेन में सवार पाक सेना के 20 जवानों को तो गोली से उड़ा भी दिया।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा सूबे में बागियों की अपनी समांतर सरकारें चल रही हैं। यहां के विद्रोही लंबे समय से पाकिस्तान आर्मी के खिलाफ ही बंदूक उठाए हुए हैं, मगर अब पाक अधिकृत कश्मीर (POK) भी पाकिस्तान के लिए चुनौती बनता जा रहा है। पाकिस्तान आर्मी बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में विद्रोह को कुचलने की कोशिशों के साथ-साथ पीओके को बचाने का भी प्लान बना रही है।

Pakistani army plan for POK: पीओके में पाक फौजी तैनात
मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तान के शिकंजे से निकलने के लिए पीओके में भी कई जन आंदोलन चल रहे हैं। कई संगठनों को तो यूरोपीय देशों तक का समर्थन मिल रहा है। पाकिस्तान पीओके को किसी भी सूरत में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा सूबे की तरह हाथ से फिसलने नहीं देना चाहता। ऐसे में पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने हाल ही पीओके में चार अतिरिक्त यूनिट को तैनात किया है।
पीओके में 75 साल से पाक आर्मी का दमन चक्र
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पाक ने पीओके के लोगों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाया हुआ है। पीओके में पाक सेना की अतिरिक्त यूनिट की तैनाती का स्थानीय लोग विरोध भी कर रहे हैं। वे अपने हक के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। पीओके में पाकिस्तान सेना बीते 75 साल से दमन चक्र छेड़े हुए है, जिसका असर अब कमजोर होता दिख रहा है।
पाकिस्तान सेना पर बढ़े हमले
दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तान सेना पर बलूचो के हमले बढ़े हैं। कहते हैं कि बलूचिस्तान में बढ़ती सैन्य मौजूदगी और राज्य में राजनीतिक हालात इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। नवाब राजनीतिक हलकों पर पकड़ खो चुके हैं। एक दशक सबसे घातक रहा। इस दौरान आतंकी हमलों की 2526 घटनाएं हुई हैं। बीते चार साल बीएलए के 76 हमलों में 1156 पाकिस्तान सैनिक मारे जा चुके हैं।
What is Balochistan Liberation Army: बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है?
पाकिस्तान में पूरी की पूरी ट्रेन हाईजैक करने वाली बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का गठन साल 1970 में हुआ था। कुछ साल बाद बीएलए शांत बैठ गई थी, लेकिन साल 2000 में यह फिर से सक्रिय हो गई। तब से लगातार पाकिस्तान की सरकारी संपत्तियों और सेना को निशाना बना रही है। 11 मार्च 2025 को बीएलए ने जिस जाफर एक्सट्रेन ट्रेन को हाईजैक किया, उसमें 150 पाकिस्तानी फौजी सवार थे, जो छुट्टियों के बाद पेशावर कैंट लौट रहे थे।
पाकिस्तान से अलग देश चाहता है बलूचिस्तान?
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की प्रमुख मांग अलग देश की है। बीएलए चाहता है कि पाकिस्तान से अलग होकर बलूचिस्तान भी देश बने। बलूचिस्तान से होकर चीन का करीब 500 अरब डॉलर का सीपैक प्रोजेक्ट गुजरता है। बलूच आर्मी आए दिन सीपैक प्रोजेक्ट का विरोध करती रही है। उनका तर्क है कि चीन के सीपैक प्रोजेक्ट के जरिए गवादर पोर्ट पर स्थानीय बलूच लोगों के अधिकारों को खत्म किया जा रहा है।
पाकिस्तान में कैसे हाइ्रजैक हो गई ट्रेन?
11 मार्च 2025 में पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने सोची-समझी रणनीति के तहत हाईजैक किया है। बंधक बनाए गए फौजियों को सकुशल छोड़ने के बदले बलूच कैदियां की रिहाई मांगी। दरअसल, ट्रेन हाईजैक करने के लिए बीएलए के सबसे घातक लड़ाकों-मजीद ब्रिगेड और फतेह दस्ते में करीब 100 बलूच विद्रोहियों को शामिल किया गया।
जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पाकिस्तान के क्वेटा से पेशावर के बीच 30 घंटे में 1600 किलोमीटर का सफर तय करती है। मंगलवार को सुबह 9 बजे ट्रेन क्वेटा से रवाना हुई थी। 150 किलोमीटर चलने के बाद बीएलए ने हमला कर दिया। जिस जगह ट्रेन हाईजैक हुई वह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का मजबूत गढ है। यहां ट्रेन 17 सुरगों से होकर गुजरती है। 8 नंबर की मश्फाक सुरंग के पास बीएलए ने ट्रेन पर हमला बोला था।
दरअसल, मश्फाक सुरंग के पास इलाका दुर्गम है। यहां ट्रेन की गति बेहद धीमी करनी पड़ती है। उधर, बीएलए लड़ाके पहले से ही घात लगाए बैठे थे। जैसे ट्रेन की गति कम हुई, वैसे ही उस पर हमला बोल दिया।
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