• search

आर्थिक संकट से उबरने के लिए पाकिस्‍तान ने चीन से लिया 500 मिलियन डॉलर का कर्ज

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान ने अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए चीन से 500 मिलियन डॉलर या 50 करोड़ डॉलर का कर्ज लिया है। चीन के इंडस्‍ट्रीयल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना की ओर से उसे यह कर्ज दिया जाएगा। पाक ने इसके लिए इस बैंक के साथ कॉन्‍ट्रैक्‍ट किया है ताकि उसका विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हो सके। पाकिस्‍तान के अखबार एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई है। इस अखबार में कहा गया है कि इस नए कर्ज करार के बाद चीन के वित्तीय संस्थानों का डॉलर के मुकाबले मजबूत रुपए को सहयोग सिर्फ तीन महीने में बढ़कर एक अरब डॉलर हो गया है।

    china-pakistan-loan.jpg

    अमेरिका ने रोकी है पाक की मदद 
    रिपोर्ट में वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने इस ऋण के लिए 15 जनवरी को 4.5 प्रतिशत की दर में करार किया है। सूत्रों ने कहा कि जनवरी में पाकिस्तान ने कुल 70.4 करोड़ डॉलर का नया कर्ज लिया है। इस तरह वित्त वर्ष के पहले सात माह में ही देश का विदेशी कर्ज 6.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ बेहद कठोर कदम उठाते हुए अमेरिका ने घोषणा की है कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली अधिकांश सुरक्षा मदद और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति को रोक रहा है। अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं से चेतावनियां मिलने के बावजूद आतंकवादियों को पनाह देना जारी रखा है। विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नॉर्ट ने कहा था कि हम पाकिस्तान को सैन्य उपकरणों की आपूर्ति या सुरक्षा से संबंधित वित्तीय मदद नहीं प्रदान करेंगे।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Pakistan has contracted another foreign commercial loan of $500 million from the Industrial and Commercial Bank of China (ICBC) to shore up its depleting reserves.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more