AUS-W vs ENG-W Final: ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर सातवीं बार जीता महिला टी20 वर्ल्ड कप
England vs Australia Women's T20 World Cup: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और गेंदबाजों ने उस भरोसे को सही साबित किया। इसके बाद बेथ मूनी और फोएबी लिचफील्ड की शानदार पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 151 रन का लक्ष्य 17.1 ओवर में ही हासिल कर लिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एमी जोन्स और डैनी वायट-हॉज जल्दी पवेलियन लौट गईं, जिससे टीम दबाव में आ गई। इसके बाद कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी संभालते हुए 53 गेंदों में 58 रन की नाबाद पारी खेली। एलिस कैप्सी ने 23 रन और फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड ने 4 विकेट पर 150 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सोफी मोलिन्यूक्स, किम गर्थ, एनाबेल सदरलैंड और लूसी हैमिल्टन को एक-एक विकेट मिला।

मूनी और लिचफील्ड ने आसान बना दिया लक्ष्य
151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती झटका जल्दी गंवाया, लेकिन इसके बाद बेथ मूनी और फोएबी लिचफील्ड ने शतकीय साझेदारी कर मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया। मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल रहे। वहीं लिचफील्ड ने सिर्फ 35 गेंदों में 48 रन बनाकर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों के आउट होने के बाद एलिस पेरी (नाबाद 13) और एश्ले गार्डनर (नाबाद 3) ने टीम को जीत तक पहुंचा दिया।
इंग्लैंड की गेंदबाज नहीं रोक सकीं ऑस्ट्रेलिया को
इंग्लैंड को शुरुआती सफलता लॉरेन बेल ने दिलाई, जिन्होंने जॉर्जिया वोल को आउट किया। इसके बाद सोफी एक्लेस्टोन और चार्ली डीन ने भी एक-एक विकेट लिया, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने रन गति पर कभी दबाव नहीं आने दिया। 17 गेंद शेष रहते ही ऑस्ट्रेलिया ने 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और एक बार फिर दुनिया की नंबर एक टी20 टीम होने का दम दिखाया।
सातवीं बार बना विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने इस जीत के साथ महिला टी20 वर्ल्ड कप में अपना दबदबा फिर साबित कर दिया। टीम ने सातवीं बार यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया और टूर्नामेंट में एक और यादगार अभियान का शानदार अंत किया। दूसरी ओर इंग्लैंड को लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।












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