सऊदी अरब के साथ रिश्‍तों पर पाकिस्‍तान के पीएम इमरान ने तोड़ी चुप्‍पी, दी सफाई

इस्‍लामाबाद। पिछले कुछ दिनों से पाकिस्‍तान और सऊदी अरब के रिश्‍तों में तल्खियां आ गई हैं। लेकिन पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सऊदी के साथ रिश्‍तों में कोई समस्‍या नहीं है। आपको बता दें कि सोमवार को पाकिस्‍तान आर्मी के चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा, सऊदी अरब की यात्रा पर पहुंचे थे लेकिन सऊदी प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान (एमबीएस) ने उनसे मिलने से साफ इनकार कर दिया। अब पाकिस्‍तान में इस बात को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है कि अगला कदम क्‍या होगा। हालांकि फिलहाल अभी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को उनका पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया है।

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चीन हर सुख-दुख का साथी

इमरान खान ने मंगलवार को एक इंटरव्‍यू दिया और उसमें कई मुद्दों पर बात की। एक प्राइवेट चैनल को दिए इंटरव्‍यू में इमरान ने सऊदी अरब के साथ रिश्‍तों पर बात की। उनसे सऊदी के साथ रिश्‍तों को लेकर सवाल किया गया और इमरान का जवाब था, 'पाकिस्‍तान का रोल मुसलमान समुदाय को विभाजित करना नहीं है।' इमरान के मुताबिक सऊदी अरब की अपनी एक विदेश नीति है और उनके साथ पाक के रिश्‍तों में दरार की जो खबरें आ रही हैं, वो पूरी तरह से निराधार हैं। पीएम इमरान की मानें तो सऊदी अरब ने हर बार मुश्किल समय में पाकिस्‍तान की मदद की है। वहीं इसी इंटरव्‍यू में उन्‍होंने चीन को अपना सबसे पुराना दोस्‍त करार दिया है। इमरान ने कहा, 'मैं यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि हमारा भविष्‍य चीन के साथ जुड़ा है।' इमरान के मुताबिक चीन एक सच्‍चे साथी की तरह पाक के हर अच्‍छे और खराब समय में साथ खड़ा रहा है। चीन को भी पाकिस्‍तान की बहुत जरूरत है। उन्‍होंने यह आरोप भी लगाया है कि पश्चिमी देश भारत को चीन के खिलाफ प्रयोग कर रहे हैं।

बाजवा की बेइज्‍जती

पाकिस्‍तान की मीडिया के मुताबिक सऊदी अरब लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है कि वह चीन के साथ रिश्‍तों को खत्म कर दे। वहीं जनरल बाजवा से प्रिंस एमबीएस के मुलाकात न करने के फैसले को इस्‍लामाबाद में अधिकारी जान-बूझकर लिया गया फैसला मान रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सऊदी अरब में पाकिस्‍तान उच्‍चायोग पीएम इमरान और मिलिट्री लीडरशिप के बीच दूरियां पैदा कर रहा है। जनरल बाजवा के साथ आईएसई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज भी गए थे। कहा जा रहा है कि विदेश मंत्री कुरैशी के बयान के बाद जो स्थितियां बनीं थी, उसे ही ठीक करने के लिए दोनों रियाद आए थे। कुरैशी ने सऊदी अरब पर आरोप लगाया था कि उसकी अगुवाई वाला ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्‍लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) जान-बूझकर विदेश मंत्रियों की मीटिंग में देरी कर रहा है। कुरैशी ने कश्‍मीर मसले पर विदेश मंत्रियों की मीटिंग की अपील की थी।

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