Pakistan में चीन की वजह से महंगे हुए गधे, हजारों लोगों के रोजगार पर भी आया गहरा संकट
Pakistan News: पाकिस्तान में आज भी धोबी, ईंट भट्टा उद्योग समेत कई कामों में गधे का इस्तेमाल होता है। हालांकि, चीन के अरबों डॉलर के ईजियाओ उद्योग की वजह से देश के ज्यादातर हिस्सों में अब गधों की कीमत 2 लाख तक पहुंच गई है। इसकी वजह से छोटे-मोटे रोजगार के लिए गधे का इस्तेमाल करने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। उनके लिए नए गधे खरीदना महंगाई की वजह से मुमकिन नहीं है। इस वजह से हजारों धोबी, गधा गाड़ी चलाने वालों से लेकर ईंट भट्टे पर गधे के जरिए मजदूरी करने वालों के रोजगार पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
Pakistan में गधों की संख्या 59 लाख से ज्यादा
पाकिस्तान में आज भी वाहन ढोने वाले गाड़ियों की संख्या कम है और सुदूर ग्रामीण इलाकों में गधा गाड़ी का इस्तेमाल होता है। गरीब मजदूर अपने गधों या गधा गाड़ियों का इस्तेमाल रोजाना घर में लगने वाले लोहे और अन्य भारी सामान लोड करने के लिए करते हैं। गधे की गिनती मेहनती जानवर के तौर पर होती है और दुनिया भर में इथियोपिया और सूडान के बाद सबसे ज्यादा संख्या में यह जानवर यहीं मिलता है। पाकिस्तान में कामकाजी गधों की अनुमानित संख्या 59 लाख तक है।

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चीन की वजह से पाकिस्तान में गधे भी हुए महंगे
अप्रैल 2025 में, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान में गधा फार्म स्थापित करने की बात कही थी। इसके बाद ग्वादर प्रांत में गधों की वधशाला भी स्थापित की गई है। पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में गधों का मांस और खाल चीन निर्यात हो रहा है। गधों की खाल का इस्तेमाल पारंपरिक चीनी दवाइयां बनाने के लिए किया जाता है। चीन की चिकित्सा पद्धति में गधे की खाल का इस्तेमाल कर इम्यूनिटी बढ़ाने, एनीमिया और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए दवाइयां बनाने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि पाकिस्तान में अचानक गधों के दाम काफी बढ़ गए हैं। आज से आठ साल पहले एक स्वस्थ गधे की कीमत 35 से 50 हजार तक होती थी। आज यह बढ़कर 2 लाख तक पहुंच गई है।
गधे की खाल का इस्तेमाल चीन में पारंपरिक चीनी चिकित्सा में इस्तेमाल किए जाने वाले शीर्ष तीन टॉनिक में से एक ईजियाओ के लिए किया जाता है। ईजियाओ टॉनिक इम्युनिटी बढ़ाने के साथ असाध्य रोगों में भी इस्तेमाल किया जाता है। एक वैश्विक स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच सालों में ईजियाओ से जुड़े उत्पादों के उत्पादन में 160 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए चीन बड़ी मात्रा में गधों का आयात कर रहा है।
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