पाकिस्तान में मिलिट्री कोर्ट ने 14 आतंकियों को सुनाई मौत की सजा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना की विशेष अदालत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने प्रतिबंधित आतंकवादी समूह के 14 आतंकवादियों को सजा-ए-मौत दी है। पाकिस्तान सेना की ओर से यह जानकारी दी गई है। बाजवा ने शुक्रवार को जिन आतंकियों की सजा पर मोहर लगाई है, वही काफी खतरनाक आतंकी हैं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने इसकी पुष्टि की है। आईएसपीआर की ओर से बताया गया है कि मिलिट्री कोर्ट ने आठ आतंकियों को जेल भेजने का आदेश दिध्या है। जिन आतंकियों को सजा सुनाई गई है उन पर सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर हमला करने के अलावा, निर्दोष लोगों को मारने, पाकिस्तानी संस्थानों और पाकिस्तान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (पीटीडीसी) होटल को क्षतिग्रस्त करने के जिम्मेदार हैं।

22 लोगों की हत्या के दोषी थे आतंकी
आईएसपीआर ने कहा है कि आतंकियों ने 22 लोगों की हत्या कर दी, जिसमें तीन नागरिक और 19 सुरक्षाबल शामिल हैं। इसके साथ ही इन घटनाओं में 23 लोग घायल हैं। इन आतंकवादियों पर स्पेशल मिलिट्री कोर्ट में मुकदमा चला, जहां इन्होंने अपना अपराध कबूला है। जहां एक तरफ पाकिस्तान में आतंकियों को मौत की सजा सुनाई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर हाफिज सईद जैसे आतंकियों के संगठन को लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) पाकिस्तान में आतंकी संगठन नहीं हैं। इन संगठनों को राष्ट्रपति के एक अध्यादेश के बाद प्रतिबंधित संगठनों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इस वर्ष फरवरी में एंटी-टेररिज्म एक्ट 1997 में बदलाव करके इन संगठनों को प्रतिबंधित संगठनों की लिस्ट में डाला था। यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में इन संगठनों पर बैन लगा है। साथ ही पाकिस्तान में भी इन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया था।












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