इधर हाफिज सईद का कार्यक्रम और उधर टली मुंबई हमलों की सुनवाई
लाहौर। भारत भले ही छह वर्ष पहले हुए मुंबई आतंकी हमलों में पाकिस्तान से इंसाफ की उम्मीद कर रहा हो लेकिन पाकिस्तान ने भी ठान लिया है कि वह किसी भी तरह से इस मामले में इंसाफ नहीं कर सकता। एक बार फिर से पाक की एंटी-टेरर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को 10 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है। यह नौंवी बार है जब पाक में इस केस की सुनवाई टाली गई है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि चार और पांच दिसंबर से लाहौर में लश्कर ए तैयबा के चीफ और इन हमलों के मास्टरमाइंड हाफिद सईद की ओर से एक बड़े धार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
जज की तबियत खराब
एंटी टेरर कोर्ट 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में शामिल सात आरोपियों के खिलाफ सुनवाई कर रही है। बुधवार को कोर्ट के जज छुट्टी पर चले गए और इस वजह से इस मामले की सुनवाई को फिर से टाल दिया गया।
कोर्ट के एक अधिकारी के मुताबिक इस केस की सुनवाई आज होने वाली थी लेकिन जज कौसर अब्बास जैदी कोर्ट नहीं पहुंचे क्योंकि उनकी तबियत खराब थी। अब सुनवाई को 10 दिसंबर तक के लिए टाल दिया गया है।
19 नवंबर को हुई थी आखिरी सुनवाई
इस केस की आखिरी सुनवाई 19 नवंबर को हुई थी जिसमें तीन गवाहों से दो आरोपियों के बारे में पूछताछ की गई थी। इस पूछताछ में उनसे बैंकों के लेनदेन और सिंध स्थित जमात-उद-दवा के केंद्र के बारे में पूछा गया था।
मुल्तान के एक स्कूल टीचर ने लाहौर से 350 किमी दूरी इस स्कूल के टीचर ने बाबर नामक अपने एक छात्र का रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किया था। मुंबई आतंकी हमलों में शामिल 10 आतंकियों में से यह आतंकी इसी स्कूल का था।
वहीं एक सरकार अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि उसने पहले ही बाबर के पिता का डीएनए सैंपल कोर्ट को सौंप दिया है। वहीं चुनाव आयोग के अधिकारी की ओर से मुल्तान जिले की वोटर लिस्ट को भी कोर्ट के सामने पेश किया जा चुका है।
हाफिज सईद को चुका है बरी
इन हमलों में कोर्ट ने हाफिज सईद को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। वहीं हमले का साजिशर्ता जकीउर रहमान लखवी, अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमाद अमीन सादिक के साथ ही तीन और लोगों पर केस चल रहा है।भारत की ओर से जुलाई में मुंबई हमलों की लगातार टलती सुनवाई के खिलाफ अपील दायर की गई थी।












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