ASAT के सफल टेस्ट पर पाकिस्तान ने भी जताई चिंता, नासा की तर्ज पर दिया बयान
इस्लामाबाद। भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल टेस्ट यानी एसैट से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान खासा परेशान है। पाकिस्तान ने अब नासा की तर्ज पर कहा है कि अंतरिक्ष में मिसाइल परीक्षण के बाद जो मलबा फैला है वह वाकई चिंताजनक है। 27 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को जानकारी दी थी कि भारत ने एक एसैट मिसाइल का सफल परीक्षण किया है जिसने लो अर्थ ऑर्बिट यानी लियो में 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक सैटेलाइट को तीन मिनट के अंदर गिरा दिया है। इस सफल टेस्ट के साथ ही भारत, अमेरिका, रूस और चीन के एलीट क्लब में शामिल हो गया जिसके पास अंतरिक्ष में दुश्मन को जवाब देने की क्षमता है।

नासा ने कही थी अंतरिक्ष में मलबे की बात
नासा की ओर से जो बात कही गई है उसे विशेषज्ञों ने खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से एसैट मिसाइल के परीक्षण पर बयान जारी किया गया है। पाक विदेश मंत्रालय ने कहा, 'ऐसी खबरें बहुत चिंताजनक हैं कि इस परीक्षण से बिखरे मलबे के कुछ टुकड़े इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के ऊपर पहुंच गए हैं, जिससे उसे खतरा पैदा हो गया है।' टेस्ट के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि निचली कक्षा में परीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि अंतरिक्ष में मलबा जमा न हो। जो भी मलबा होगा, वह नष्ट हो जाएगा और कुछ हफ्ते में धरती पर गिर जाएगा। अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था, नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने कहा था कि पिछले दिनों भारत ने एंटी-सैटेलाइट वेपन यानी एसैट मिसाइल का जो परीक्षण किया है उसकी वजह से अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े पैदा हो गए हैं। नासा की मानें तो यह एक खतरनाक स्थिति है और इसकी वजह से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी नए खतरे पैदा हो गए हैं।
अंतरिक्ष में जमा मलबा
नासा ने सोमवार को भारत द्वारा अपने ही एक उपग्रह को मार गिराए जाने को 'भयंकर' बताया था। नासा प्रमुख ने कहा कि नष्ट किए उपग्रह से अंतरिक्ष की कक्षा में करीब 400 टुकड़ों का मलबा जमा हो गया और इस वजह से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) के लिए खतरा पैदा हो गया है। नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टाइन ने कहा है कि अभी तक करीब 60 टुकड़ों का पता लगाया गया है और इनमें से 24 टुकड़े आईएसएस के दूरतम बिन्दु से ऊपर हैं।नासा के मुखिया जिम ब्राइडेनस्टाइन ने कहा, 'हर टुकड़ा इतना बड़ा नहीं है कि उसे ट्रैक किया जा सके। हम अभी उन बड़े ऑब्जेक्ट्स का पता लगा रहे हैं जिन्हें आकार की वजह से ट्रैक करना काफी आसान है।' ब्राइडेनस्टाइन ने आगे कहा कि फिलहाल अभी हम 10 सेंटीमीटर्स यानी छह इंच या इससे ज्यादा बड़े ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक कर रहे हैं। इस तरह के करीब 60 टुकड़ों को ट्रैक किया जा चुका है। यह भी पढ़ें-NASA ने जताई आशंका, भारत के मिशन शक्ति की वजह से अंतरिक्ष में खतरनाक स्थिति में पहुंचा मलबा












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