मोदी ने नवाज से कहा आतंक के खिलाफ आइए साथ मिलकर लड़ें
इस्लामाबाद। मंगलवार को पाकिस्तान के पेशावर में जो अमंगल हुआ उसका दर्द भारत ने भी महसूस किया। भारत में भी कई लोगों की आंखें नम थी और बस उन बच्चों के लिए दुआएं हो रही थीं जो बच्चे घायल हैं, वह सही सलामत रहें और जिन मांओं ने अपने बच्चों को इस कायराना हरकत में खो दिया है, उन्हें इस दर्द को झेलने की ताकत मिले।

मोदी की पेशकश पर नवाज हैं चुप
इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशभर के स्कूलों में दो मिनट के मौन का ऐलान किया और साथ ही साथ पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद की पेशकश भी की। नवाज ने न तो अभी हामी भरी है और न ही इंकार किया है।
पाकिस्तान को अब यह बात माननी ही पड़ेगी कि उसने जिस आतंकवाद को अपनी जमीं से पनपाने में मदद की, वही आतंकवाद उसके लिए अब नासूर बन गया है।
अमेरिकी की पूर्व विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन ने भी करीब तीन वर्ष पहले कहा था, 'आप अगर अपने आंगन में सांप पालेंगे तो वह सिर्फ आपके पड़ोसी को ही नहीं डसेंगे बल्कि आपको भी एक दिन जरूर काटेंगे।'
नवाज को मान लेनी चाहिए मोदी की बात
मंगलवार को शायद हिलेरी का बयान सच हो गया। इस घटना ने भारत को पाक के करीब कर दिया क्योंकि भारत पिछले कई दशकों को किसी न किसी तरह से इन घटनाओं से वाकिफ होता रहा है। भारत आतंकवाद के दर्द को बखूबी जानता है।
कनाडा में बतौर पत्रकार पिछले कई वर्षों से भारत और पाक से जुड़ी घटनाओं पर करीब से नजर रख रहे फिरोज खान की मानें तो नवाज शरीफ को बिना देर किए मोदी की इस पेशकश को मान लेना चाहिए।
उन्होंने फेसबुक के जरिए घटना के बारे में लिखा मंगलवार की घटना पाक के लिए बड़े सबक की तरह है और अगर अब पाक नहीं जागा तो उसका काफी नुकसान हो सकता है।
पाक को सभी मतभेदों को किनारे करते हुए मोदी की मदद की पेशकश को स्वीकार कर लेना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार फिरोज खान ने इस घटना को पाक के लिए बतौर 'ब्लैक डे' करार दिया।












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