हाफिज सईद की याचिका की सुनवाई करने वाली बेंच को बदला गया
खुद को एंटी-टेररिज्म कानून के तहत घर में नजरबंद होने पर जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना हाफिज सईद ने दायर की थी लाहौर हाई कोर्ट में याचिका। याचिका की सुनवाई कर रही बेंच को अब बदल दिया गया है।
लाहौर। लाहौर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने जमात-उद-दावा (जेयूडी) सरगना हाफिज सईद और चार और लोगों की ओर से नजरबंदी पर दायर की गई याचिका की सुनवाई कर रही बेंच को बदल दिया गया है। इन सभी ने एंटी-टरेरिज्म एक्ट के तहत अपनी घर में नजरबंदी के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट के ण्क ऑफिसर ने बताया कि जज सैयद काजिम रजा शम्सी की अगुआई में अब दो सदस्यों वाली एक बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी।

नजरबंदी को दी थी हाफिज ने चुनौती
लाहौर हाई कोर्ट केचीफ जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह ने जज सरदार मोहम्मद शमीम खान की अध्यक्षता वाली दो सदस्यों की बेंच का बदल दिया है। जजब खान ने इस मामले की पिछली सुनवाई 22 फरवरी को की थी। अधिकारी की ओर से जानकारी दी गई है कि सात मार्च को होने वाली सुनवाई बेंच में बदलाव के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने सईद के मामले में बेंच में बदलाव को एक 'सामान्य मामला' करार दिया। उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई की तारीख मंगलवार कोर्ट की ओर से तय की जाएगी। पिछली सुनवाई में अदालत ने पंजाब सरकार को एक नोटिस जारी कर सात मार्च तक सईद की याचिका पर जवाब देने को कहा था। मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता सईद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुर रहमान आबिद, काजी काशिफ हुसैन और अब्दुल्ला उबैद ने वकील ए के डोगर के जरिए लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर नजरबंदी को चुनौती दी थी।
आतंकियों की लिस्ट में आया नाम
पाकिस्तान ने पिछले दिनों मोस्ट वांटेंड आतंकी हाफिज सईद को एंटी-टेररिज्म एक्ट (एटीए) के तहत उसे आतंकियों की लिस्ट में शामिल किया है। पंजाब सरकार ने सईद और उसके करीबी सहयोगी काजी काशिफ को (एटीए) की चौथी लिस्ट में शामिल किया है। इस लिस्ट में तीन अन्य लोगों अब्दुल्ला ओबैद, जफर इकबाल, अब्दुर रहमान आबिद के नाम भी शामिल किए गए थे। सईद और चार अन्य को उसकी पार्टी और राजनीतिक सहयोगियों के गुस्से और हंगामे के बीच 30 जनवरी को नजरबंद किया गया था। पाक सरकार ने हाफिज सईद समेत लश्कर के 37 आतंकवादियों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में रखा और इसके बाद उसके देश से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी। पाक ने जनवरी में हाफिज सईद को 90 दिनों के लिए नजरबंद किया था।












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