India Pakistan Tension: पाकिस्तान को उसके कर्मों की मिलेगी सजा? FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल कराएगा भारत
India Pakistan Tension: पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब करने की पूरी तैयारी कर ली है। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताने के लिए भारत का सर्वदलीय डेलिगेशन अलग-अलग देशों में पहुंच रहा है। इस बीच आईएएफ से मिली फंडिंग के दम पर खुश हो रहे पाकिस्तान को एक करारा झटका देने की तैयारी भारत सरकार ने कर ली है। पाकिस्तान में रह रहे आतंकी अपने कैंपों से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं। पाकिस्तान दशकों से आतंकियों को अपने यहां पनाह देते रहा है। अब भारत ने उसके खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है, जिससे निकलना नामुमकिन होगा।
India Pakistan Tension: ग्रे लिस्ट में शामिल होगा पाक?
भारत ने आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान को दिए जाने वाले राहत पैकेज का कड़ा विरोध किया था। हालांकि, आईएमएफ ने पैकेज नहीं रोका लेकिन कुछ कठोर शर्तों के साथ यह राहत राशि दी है। भारत फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल कराने के लिए बात कर सकता है। FATF एक वैश्विक संस्था है, जिसका काम मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता की निगरानी करना है।

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पाकिस्तान को इससे पहले भी ग्रे लिस्ट में शामिल किया जा चुका है। जून 2018 में एफएटीएफ ने टेरर फंडिंग के लिए ग्रे लिस्ट में डाला गया था। चार साल बाद अक्टूबर 2022 में उसे ग्रे लिस्ट से निकाल दिया गया था। अब अगर फिर से पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में शामिल होता है, तो उसके लिए अपनी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के बीच यह बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है।
ग्रे लिस्ट में शामिल होने पर क्या नुकसान होते हैं?
अगर एफएटीएफ की ओर से किसी देश को ग्रे लिस्ट में शामिल किया जाता है, तो उस देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि को भारी नुकसान होता है। FATF की ओर से किसी देश को ग्रे लिस्ट में शामिल करने का मतलब है कि उस देश में आतंक के खिलाफ पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रे लिस्ट में शामिल देशों में विदेशी निवेश कम हो जाता है। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से लोन लेने में भी दिक्कत होती है। अगर पाकिस्तान एक बार फिर ग्रे लिस्ट में शामिल होता है, तो उसके लिए बड़ा झटका होगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही चरमराई हुई है और विदेशी कर्जे के सहारे देश की अर्थव्यवस्था चल रही है।
वर्ल्ड बैंक से भी बात करेगा भारत
एक अंग्रेजी दैनिक में छपी खबर में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की फंडिंग रोकने के लिए भारत वर्ल्ड बैंक से भी बात कर सकता है। इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) ने हाल ही में पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर फंड दिया है। पाकिस्तान की अगली कोशिश वर्ल्ड बैंक से राहत पैकेज और लोन पाने की है। हालांकि, भारत अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सटीक रणनीति के साथ पाकिस्तान की कलई खोलने में जुटा है। पाकिस्तान के लिए अब वैश्विक मंचों से अपना प्रोपगैंडा फैलाना आसान नहीं रहने वाला है।
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