All Party Delegation: मॉस्को पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल, आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति से कराएंगे रूबरू
All Party Delegation: भारत के रूस में राजदूत विनय कुमार ने शुक्रवार को मॉस्को में पहुंचे सर्वदलीय भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। यह प्रतिनिधिमंडल
डॉविडा मुनेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में रूस की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करना है।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "राजदूत विनय कुमार ने माननीय सांसदों कनिमोझी, राजीव राय, कैप्टन बृजेश चौकट, प्रेम चंद गुप्ता, अशोक कुमार मित्तल और पूर्व राजदूत मंजीव सिंह पुरी को भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी, इससे पहले कि वे अपनी आधिकारिक बैठकें शुरू करें।"
All Party Delegation: प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं विभिन्न दलों के सांसद
कनिमोझी के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय, नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियां अल्ताफ अहमद, भाजपा के कैप्टन बृजेश चौकट, राष्ट्रीय जनता दल के प्रेम चंद गुप्ता, आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जावेद अशरफ तथा भारत के पूर्व राजदूत मंजीव सिंह पुरी शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल रूस के अलावा स्लोवेनिया, ग्रीस, लातविया और स्पेन का दौरा करेगा।
इस सर्वदलीय दौरे का उद्देश्य भारत के अंदर हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के खिलाफ देश की संयुक्त और कठोर प्रतिक्रिया को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाना है। पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की मौत के बाद भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" चलाया था, जिसके अंतर्गत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoJK) में आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले किए गए थे।
इस हमले के जवाब में पाकिस्तान ने एलओसी (LoC) और जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से गोलाबारी शुरू की और ड्रोन हमलों का प्रयास किया, जिसके जवाब में भारत ने समन्वित जवाबी कार्रवाई की। भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर स्थित रडार प्रणाली, संचार केंद्र और अन्य रणनीतिक ढांचों को निशाना बनाया।
All Party Delegation: रूस के साथ मजबूत साझेदारी की आवश्यकता: कनिमोझी
कनिमोझी ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, "रूस भारत का रणनीतिक साझेदार रहा है और हमने हमेशा व्यापार और कूटनीतिक मुद्दों पर साथ मिलकर काम किया है। ऐसे समय में जब भारत बार-बार आतंकवादी हमलों का सामना कर रहा है, रूस तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रधानमंत्री और भारत सरकार ने निर्णय लिया कि विभिन्न दलों के सांसदों को दुनिया भर में भेजा जाएगा ताकि भारत की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की जा सके।"
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल रूस के विभिन्न प्रमुख नेताओं और संस्थानों से मिलेगा, जिनमें शामिल हैं:
- आंद्रे डेनिसन, अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के पहले उपाध्यक्ष,
- लियोनिद स्लट्स्की, स्टेट ड्यूमा समिति के अध्यक्ष,
- रूसी उप विदेश मंत्री,
- रूसी सांख्यिकी अध्ययन संस्थान के निदेशक,
- रूस के पूर्व प्रधानमंत्री मिखाइल येफिमोविच फ्राडकोव,
- साथ ही, कई थिंक टैंक और रूसी मीडिया के प्रतिनिधि।
कनिमोझी ने यह भी कहा, "हम रूस में विभिन्न स्तरों पर भारत में हुए हालिया आतंकवादी हमलों की जानकारी साझा करेंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर कार्य करना कितना आवश्यक हो गया है।"
All Party Delegation: भारत-रूस संबंधों पर विशेष चर्चा
राजदूत विनय कुमार ने सांसदों को भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों की जानकारी दी। भारत और रूस ने वर्षों से वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन किया है, और यह दौरा इस रिश्ते को और मजबूती देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
यह सर्वदलीय दौरा भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति, वैश्विक सहयोग की आवश्यकता और भारत-रूस संबंधों को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास है। आने वाले दिनों में यह प्रतिनिधिमंडल अन्य देशों का भी दौरा करेगा, जहां भारत का रुख और अनुभव साझा किया जाएगा।












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