Imran Khan: अल कादिर ट्रस्ट केस क्या है, जिसमें हुई गिरफ्तारी? बुशरा बीवी भी हैं आरोपी
इमरान खान को अल कादिर ट्रस्ट केस में पकड़ा गया है। यह एक नॉन प्रॉफिट संगठन है, जिसमें वह और बुशरा बीवी ट्रस्टी हैं। पीएम रहते हुए उनपर इसी के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप हैं।

पाकिस्तान में पीटीआई के चीफ इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को आईजी अकबर नासिर खान की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि पूर्व पाकिस्तानी पीएम की गिरफ्तारी अल कादिर ट्रस्ट केस में की गई है। यह अरबों रुपए के भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है, जिसमें पूर्वी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीवी भी आरोपी हैं।

इमरान खान और बुशरा बीवी पर आरोप
इस केस में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीवी पर एक रियल एस्टेट कंपनी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बचाने के लिए कथित तौर पर 5 अरब रुपए और सैकड़ों कनाल जमीन लेने के आरोप हैं। आरोपों के मुताबिक इमरान ने यह रकम अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान उस 50 अरब डॉलर को सरकारी खजाने से डायवर्ट करने के लिए लिया था, जो यूनाइटेड किंगडम की ओर से वापस किया गया था।

कहां से शुरू हुआ मामला?
यूनाइटेड किंगडमी और पाकिस्तानी प्रॉपर्टी कारोबारी मलिक रियाज के बीच पुराना प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था। 5 साल पहले यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) ने रियाज परिवार के साथ 190 मिलियन पाउंड की कीमत पर समझौते के लिए हामी भरी। इसके तहत उसे करीब 50 मिलियन पाउंड का मूल्य मिलना था, और वह सारा फंड मलिक रियाज के प्रतिबंधित खाते में डाल दिए गए थे।

यूके ने 8 बैंक खातों को गड़बड़ी के संदेह में फ्रीज किया था
बाद में यूके में रियाज की संपत्तियों की एनसीए की ओर से जांच शुरू हुई। फिर एनसीए की ओर से कहा गया कि उसने 8 बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश दिए हैं, जिसमें 100 मिलियन पाउंड से ज्यादा पड़े हुए हैं। यह कदम इस संदेह के आधार पर उठाया गया कि यह सारी रकम दूसरे राष्ट्र में रिश्वत और भ्रष्टाचार करके जुटाए गए हैं। इसलिए उसे पाकिस्तान सरकार को वापस किया जाना था।

पाकिस्तान सरकार को कैसे दिया चकमा?
इधर पाकिस्तान में भी मामला चल रहा था और यह साफ हो चुका था कि रियाज की रियल एस्टेट कंपनी बहरिया टाउन लिमिटेड ने मालिर जिले स्थित कराची के बाहरी इलाकों में हजारों एकड़ जमीन अवैध तरीके से हासिल कर ली है। लेकिन, उसने पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में समझौते के लिए 460 अरब रुपए का ऑफर दिया, जिसे मंजूर कर लिया गया। तब रियाज ने ट्विटर के जरिए कहा कि यूके में जो उसके खातों में रकम जब्त की गई है, उसी में से सुप्रीम कोर्ट को दी जाने वाली जुर्माने की 460 अरब रुपए की भरपाई की जाएगी।

Recommended Video
यूके से आया पैसा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर हो गया!
यही हुआ, वह पैसा पाकिस्तान सरकार को मिलने की जगह सुप्रीम कोर्ट के खाते में ट्रांसफर किया गया। जब यह सवाल उठे तो कहा गया कि क्या सुप्रीम कोर्ट पाकिस्तान सरकार का हिस्सा नहीं है। कुल मिलाकर इस मामले से संदेह का पर्दा कभी नहीं उठा, लेकिन बातें पहले आई-गई हो गईं।

ऑडियो लीक होने से मामला हुआ उजागर!
2022 के जून में एक ऑडियो लीक होने से यह विवाद फिर गहरा गया। यह टेप कथित तौर पर उसी मलिक रियाज और उसकी बेटी के बीच बातचीत का था। इसमें कथित तौर पर इमरान की पत्नी बुशरा बीवी की दोस्त फराह खान उर्फ गोगी की ओर से काम करवाने की एवज में कथित डिमांड की जा रही थी। यह डिमांड पूर्ववर्ती इमरान खान सरकार के कार्यकाल के दौरान उसका काम कराने की एवज में की जा रही थी।

बुशरा बीवी के चक्कर में फंस गए इमरान?
कथित ऑडियो में जिसे रियाज की बेटी समझा गया, उसने कथित तौर पर अपने पिता से कहा कि फराह ने उसे बताया है कि उस महिला (बुशरा बीवी) ने कहा है कि तीन कैरेट का हीरा नहीं चलेगा, 5 कैरेट का ही चाहिए। हालांकि, बाद में रियाज ने ऑडियो के 'मनगढ़ंत' होने का दावा किया।

5 अरब रुपए और सैकड़ों एकड़ जमीन लेने का आरोप
उसी साल 14 जून को पाकिस्तान के इंटेरियर मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने उस रियल एस्टेट कंपनी को मनी लॉन्ड्रिंग केस से बचाने की एवज में इमरान और उनकी पत्नी पर 5 अरब रुपए और सैकड़ों कनाल जमीन लेने का आरोप लगा दिया।

मनी लॉन्ड्रिंग का खेल?
उन्होंने इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बहरिया टाउन ने यूके में एक पाकिस्तानी नागरिक को अवैध तरीके से 50 अरब रुपए ट्रांसफर किए। इस ट्रांसफर को यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी ने पकड़ा और पीटीआई सरकार को इसकी सूचना भी दी थी।
रियल एस्टेट कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप
सनाउल्लाह ने यह भी दावा किया कि तत्कालीन पीएम इमरान ने अपने सहयोगी शहजाद अकबर को मामले को सुलझाने को कहा था। और अकबर ने उस 50 अरब रुपए को जो कि सरकार की थी, उसे बहरिया टाउन की देनदारी के लिए एडजस्ट करा दिया। दूसरे दिन ही फेडरल कैबिनेट ने इमरान और उनकी पत्नी बुशरा के खिलाफ जांच बिठा दी।
क्या है अल-कादिर ट्रस्ट?
सनाउल्लाह के मुताबिक बहरिया टाउन ने सैकड़ों एकड़ जमीन अल-कादिर ट्रस्ट को दान में दी थी। इसके लिए जो करार हुआ था, उसपर रियल एस्टेट डेवलपरों के दानदाताओं के तौर पर और इमरान खान की पत्नी बुशरा खान के हस्ताक्षर हैं। उनका कहना है कि अल-कादिर ट्रस्ट एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है, जिसमें सिर्फ दो ही ट्रस्टी हैं- इमरान खान और बुशरा बीवी।












Click it and Unblock the Notifications