मुझे पाकिस्तानी होने का गर्व है, मैं पश्चिमी देशों की कठपुतली नहीं: मलाला

रविवार को एक टीवी चैनल को दिये गये इंटरव्यू में मलाला ने इन आरोपों का खंडन किया कि वह पश्चिमी देशों की समर्थक है, उसने कहा कि शिक्षा न तो पूर्वी होती है और न ही पश्चिमी। इस पर हर किसी का अधिकार है। आज पूरे पाक में लोग मेरा समर्थन करते हैं। जब मुझे गोली लगी तो लोग 'मैं मलाला हूं, बैनर लिए हुए थे। वो लोग 'मैं तालिबान हूं' के पोस्टर नहीं लिए थे।
मलाला का कहना है कि लोग मुझे शिक्षा के लिए उठाए गये अभियान को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। मलाला का मानना है कि हमें शिक्षा का अभियान पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सीरिया से शुरू करने की जरूरत है। 16 वर्षीय मलाला ने इस बात से इंकार किया कि वह विकसित देशों में ही बस जाना चाहती है।
मलाला यूसुफजई को पिछले साल अक्टूबर में एक स्कूल बस में गोली मार दी गई थी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए लंदन ले जाया गया था। पाक के कुछ तालिबानी संगठनों का मानना है कि पश्चिमी देश मलाला का सहारा लेकर इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं।












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