नई कार नहीं खरीद पाएंगे सरकारी कर्मचारी, सिगरेट पीने पर भी आफत, पाकिस्तान में बवाल बजट बना है!
पाकिस्तान में संघीय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश कर दिया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों के नई कार खरीद पर रोक लगा दी गई है।
इस्लामाबाद, 11 जूनः पाकिस्तान में संघीय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश कर दिया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों के नई कार खरीद पर रोक लगा दी गई है। लगातार बढ़ते राजकोषीय घाटे को कम करने और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से बेलआउट पैकेज पाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसमें अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की घोषणा के साथ ही सरकारी कर्मचारियों के नई कारों की खरीद पर रोक, 1600 सीसी या इससे अधिक क्षमता वाली कारों पर लगने वाले कर को दोगुना कर दिया गया है। देश के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

आर्थिक स्थिरता कायम करने पर जोर
इस्माइल ने 2022-23 का बजट पेश करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिरता हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमें आर्थिक विकास की नींव मजबूत करनी होगी जो सतत विकास पर आधारित हो। इस्माइल ने कहा कि हमने कड़े फैसले लेने शुरू कर दए हैं लेकिन अभी तो यह शुरुआत है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह तत्काल साफ नहीं हो पाया है कि सरकारी कर्मचारियों के गाड़ी खरीदने पर रोक की यह पाबंदी सरकारी वाहनों की खरीद पर रहेगी या निजी उपयोग की जाने वाली कारों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

अमीरों पर बढ़ा टैक्स
पाकिस्तान में कैबिनेट द्वारा पारित वित्त विधेयक के अनुसार, आयकर स्लैब की संख्या 12 से घटाकर 7 कर दी गई है। देश में अमीरों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है, जबकि कम आय वाले लोगों को राहत दी गई है। जिनकी सालाना आय एक करोड़ 20 लाख से अधिक है, उन्हें अब 32.5 प्रतिशत टैक्स अदा करना होगा। साठ लाख से 1 करोड़ 20 लाख के बीच प्रतिवर्ष कमाने वाले लोगों को 22.5 फीसदी कर जमा करना होगा।

कम आय वाले लोगों को राहत
वहीं, जिनकी आय एक लाख रुपया महीना है उन्हें अब मामूली टैक्स देना होगा। हालांकि पहले के नियम के मुताबिक सलाना 12 लाख रुपये कमाने वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देता पड़ता था लेकिन नए नियम के कारण अब वे टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। वहीं, 50 हजार महीना कमाने वाले लोगों को टैक्स दायरे से बाहर रखा गया है। 12 लाख रुपये से अधिक आय वालों के लिए 7 फीसदी टैक्स देने का प्रावधान बरकरार रखा गया है।

मोबाइल और सिगरेट हुए महंगे
इसके साथ ही पाकिस्तान में बिजली सब्सिडी के आवंटन में कमी की गई है। इसके कारण राष्ट्रीय औसत बिजली शुल्क 20 फीसदी से अधिक बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। बजट के नए प्रावधानों के बाद देश में मोबाइल फोन और सिगरेट भी महंगे होने जा रहे हैं। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 10 अरब डॉलर से भी कम है। यह केवल 45 दिनों के आयात के लिए भुगतान करने की अनुमति देता है। ऐसे में देश की 22 करोड़ आबादी के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

बेलआउट पैकट देने की कड़ी शर्तें
गौरतलब है कि IMF ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज देने के लिए कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें फिस्कल और करेंट अकाउंट के घाटे की समस्या को दूर करना शामिल है। इस्माइल ने कहा कि सरकार टैक्स की चोरी पर रोक लगाएगी जिससे 2022-23 में रेवेन्यू में सात लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी। इससे घाटे को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। सरकार ने 2022-23 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.9 फीसदी रखा है जो मौजूदा वित्त वर्ष में 8.6 फीसदी है। इसके साथ ही सरकार ने प्राइवेटाइजेशन से 96 अरब रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

पेट्रोल-डीजल पर सब्सिडी खत्म
IMF की शर्तों में पेट्रोल-डीजल पर सब्सिडी खत्म करना शामिल है। सरकार इसे लागू कर चुकी है। इस कारण पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 40 फीसदी तक की तेजी आई है। इस्माइल ने कहा कि सरकार ने 2022-23 में पांच फीसदी इकनॉमिक ग्रोथ का लक्ष्य रखा है जो 30 जून को खत्म हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष में 5.97 फीसदी था। सरकार ने जुलाई से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष में 9.5 लाख करोड़ रुपये के कुल खर्च का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि 2022-23 में औसत महंगाई 11.5 फीसदी के आसपास रहेगी।
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