Pakistan : 5 बहनें बनीं 'कलेक्टर', जोहा मलिक शेर ने वन इंडिया हिंदी से शेयर की सक्सेस स्टोरी
Sher Sister Success story Pakistan : पाकिस्तान में मलिक मोहम्मद रफीक अवान की 5 बेटियां जोहा मलिक शेर, शेरीन, सस्सी मारवी व लैला बेटियां PAS हैं। पांचों CSS परीक्षा पास कर कलेक्टर जैसे पदों पर सेवाएं दे रही हैं।

Zoha Malik Sher and Her Sisters Passed CSS Exam in Pakistan : भारत-पाकिस्तान भले ही जुदा मुल्क हों, मगर ज्यादा बेटियां पैदा होने पर माता-पिता को ताने मारने वालों की कमी ना इधर है ना ही उधर। फिर अक्सर बेटियां भी तालीम को ताकत बनाकर तानों का जवाब अपनी कामयाबी से दे रही हैं। कुछ ऐसी ही सक्सेस स्टोरी पाकिस्तान की मलिक शेर बहनों की है।

भारत में IAS तो पाकिस्तान में PAS
दरअसल, रावलपिंडी में मलिक मोहम्मद रफीक अवान का परिवार रहता है, जो मूलरूप से पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के हरिपुर जिले के गांव मूरती मैरा से है। अस्सी के दशक में रावलपिंडी आकर बस गए थे। इनकी अवान की पांच बेटियां पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं, जिन्हें भारतीय IAS के समकक्ष PAS कहा जाता है।
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पाकिस्तानी अफसर जोहा मलिक शेर का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में पीएएस अधिकारी जोहा मलिक शेर कहती हैं कि मुझे गर्व है कि पूरे पाकिस्तान में हमारा परिवार इकलौता है जिसकी पांच बेटियां सीएसएस परीक्षा पास करके अफसर बनी हैं। पाकिस्तान और भारतीय सिविल सेवा में ज्यादा फर्क नहीं है। पाकिस्तान में हमारे पास 12 कैडर हैं। हम पाँचों बहनों को प्रतियोगी परीक्षा सीएसएस (जैसे UPSC) के माध्यम से अलग-अलग कैडर में आवंटित किया गया है।

भारत में UPSC की CSE, पाकिस्तान में FPSC की CSS
जैसे भारत में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करके आईएएस अधिकारी बनते हैं। उसी तरह से पाकिस्तान में संघीय लोक सेवा आयोग (FPSC) की सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) परीक्षा करने वाले पीएएस अधिकारी बनते हैं। मोहम्मद रफीक अवान की पांच बेटियों लैला मलिक शेर, शेरीन मलिक शेर, सस्सी मलिक शेर, मारवी मलिक शेर और जोहा मलिक शेर ने अलग अलग साल में सीएसएस पास की है।

पाकिस्तान की पांच बहनों की सक्सेस स्टोरी
रफीक अवान की पांचवीं व सबसे छोटी बेटी जोहा मलिक शेर ने सीएसएस 2019 में सफलता पाई है, जिसका रिजल्ट 17 जून 2020 को घोषित किया गया था। चार बेटियां पूर्व में एक दूसरे के नक्शे कदम पर चलते हुए अफसर बनीं और वर्तमान में पांचों बहनें पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे रही हैं। एक ही परिवार से पांच बेटियां का पीएएस अधिकारी बनना अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड है।

पांचों बहनों ने कब-कब पास की सिविल सेवा परीक्षा?
1 लैला मलिक शेर, 2008
2 शिरीन मलिक शेर, 2010
3 सस्सी मलिक शेर, 2017
4 मरवी मलिक शेर, 2017
5 जोहा मलिक शेर, 2019

पांचों बहनों की शिक्षा
पाकिस्तान की इन पांच अफसरों बहनों ने शुरुआती शिक्षा सेंट ऐनी प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट हाई स्कूल रावलपिंडी से हासिल की थी। सबसे बड़ी बहन लैला मलिक शेर ने अंग्रेजी साहित्य में मास्टर किया। दूसरे नंबर की बहन शेरीन मलिक ने बीए करने के बाद इंटरनेशनल संबंधों पर मास्टर डिग्री ली।
तीसरे नंबर की बहन सस्सी मलिक शेर ने गोमल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। चौथी बहन मारवी मलिक शेर ने समाजशास्त्र में पीजी किया। सबसे छोटी बहन जोहा मलिक शेर के पास आईआर में मास्टर की डिग्री है।

पांच अफसर बहनों की पोस्टिंग
महज 21 साल की उम्र में सीएसएस पास करने वाले लैला मलिक शेर कराची में आईआरए इनकम टैक्स की डिप्टी कमिश्नर, शेरीन मलिक इस्लामाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में निदेशक, सस्सी मलिक शेर उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी छावनी बोर्ड चकलाला रावलपिंडी और मारवी मलिक शेर एबटाबाद में अतिरिक्त सहायक आयुक्त के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं।

पांचों बेटियों की बेटियों की कामयाबी पर क्या बोले पिता?
एसडीओ के पद से रिटायर हुए मलिक मोहम्मद रफीक अवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वो अल्लाह को धन्यवाद देते हैं कि उनको पांच बेटियां दीं। बेटा एक भी नहीं। बेटियां किसी तोहफे से कम नहीं। इनके पैदा होने पर परिवार व रिश्तेदारों ने खूब ताने मारे थे, मगर मैंने और मेरी पत्नी ने तय किया कि पांचों बेटियां को बेहतरीन तालीम दिलवाएंगे और आज नतीजा आप सबके सामने हैं। पांचों ने सीएसएस परीक्षा पास कर डाली और ताने मारने वाले भी अब मुबारकबाद दे रहे हैं। पांचवीं बेटी तो सबसे कम उम्र में अफसर बनकर सबका रिकॉर्ड तोड़ा है।

पांचों बहनों की वर्तमान पोस्टिंग
1 लैला मलिक शेर - उपायुक्त, इनलैंड रेवेन्यू सर्विस, कराची
2 शिरीन मलिक शेर - उप निदेशक एफआईए
3 सस्सी मलिक शेर - सीईओ एटॉक छावनी
4 मारवी मलिक शेर - सहायक आयुक्त, पेशावर
5 जोहा मलिक शेर - अनुमंडल पदाधिकारी, स्थापना प्रमंडल

भारत में तीन सगी बहनें बनीं आईएएस अधिकारी
भारत में हरियाणा की केशनी आनंद अरोड़ा, मीनाक्षी आनंद चौधरी व उर्वशी गुलाटी वो तीन सगी बहनें हैं, जो यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास करके आईएएस अधिकारी बनीं और तीनों ही हरियाणा में मुख्य सचिव पद तक पहुंचीं।
केशनी आनंद का परिवार मूलरूप से पाकिस्तान के रावलपिंडी से था, मगर भारत विभाजन के वक्त रावलपिंडी से पंजाब आ गया और फिर यहीं बस गया। पाकिस्तान की पांच बहनों की सक्सेस स्टोरी भी भारत में आईएएस बनीं इन तीन सगी बहनों से मिलती-जुलती है।
भारत में UPSC से मिलते IAS-IPS तो पाकिस्तान में कैसे बनते हैं अफसर?
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